सोनभद्र। जिला प्रशासन ने राशनकार्डों की जांच के लिए 31 जुलाई का समय तय किया था। इसके लिए डीएम ने 111 टीमें गठित की हैं। लेकिन लापरवाही के चलते अभी तक हजारों राशनकार्डों का सत्यापन नहीं हो सका है। निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन का कार्य पूर्ण न करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी होगी।
जिले में 725 वितरण प्रणाली की दूकानें हैं। इसमें शहरी क्षेत्रों में 72 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 653 दूकानें है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों की 67 और ग्रामीण इलाकों की लगभग 645 दूकानें क्रियाशील है। आठ ब्लॉक में करीब 330000 राशन कार्डधारक हैं। सूबे में सत्ता परिवर्तन होते ही योगी सरकार ने जिला प्रशासन को राशनकार्डों का सत्यापन कर अपात्रों का नाम निरस्त कर पात्रों का शामिल करने का निर्देश दिया। डीएम ने राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र मेें 111 जिलास्तरीय , तहसील एवं ब्लॉकस्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें राशन कार्डों का सत्यापन करने के लिए बनाई। लेकिन अभी तक कई अधिकारियों ने करीब 25 हजार राशनकार्डों का सत्यापन नहीं किया है। जबकि हरहाल में 31 जुलाई तक सत्यापन कर रिपोर्ट देनी थी। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि अभी तक उन्हें शहरी क्षेत्र के 32 और ग्रामीण क्षेत्रों 613 कोटे की दूकानों से जुड़े राशन कार्डोँ की रिपोर्ट मिली है। संभावना है कि दो-तीन दिनों में सभी कार्डधारकों का सत्यापन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन टीमों ने रिपोर्ट नहीं दी है, उनके बारे में डीएम को अवगत करा दिया गया है। डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर राशन कार्डों के सत्यापन कार्य पूर्ण कर डीएसओ को रिपोर्ट उपलब्ध न कराने वालों के खिलाफ नोटिस जारी की जाएगी।