सोनभद्र। सरकार ने परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर योजना शुरू की लेकिन इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि 539 विद्यालयों मेें कंप्यूटर नहीं लगा है। महज 115 उच्च प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर लग सका है। इनमें से अधिकांश स्कूलों में कंप्यूटर के शिक्षक हीं नहीं हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2006-2007 में कंप्यूटर योजनांतर्गत जिले के सभी परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर लगाने का निर्देश हुआ था। इस योजना के तहत प्रथम चरण मेें जूनियर हाईस्कूल राबट्र्सगंज, रौप, केकराही, नारनार हरैया समेत 115 स्कूलों में कंप्यूटर लगाया गया। लेकिन कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए शिक्षकों की तैनाती नहीं गई। लेकिन जिन स्कूलों में सौ से अधिक विद्यार्थी थे, वहां अनुदेशक तैनात किए गए। हालांकि वर्ष 2007 में सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद सपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनी तो स्कूलों में कंप्यूटर लगाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जिसका नतीजा है कि अभी तक 539 विद्यालयों में कंप्यूटर नहीं लगा है। हालांकि जिन स्कूलों में कंप्यूटर लगे है, वहां के अधिकांश शिक्षकों को भी कंप्यूटर की जानकारी नहीं है। इस नाते शासन के मंशनुसार बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में बेसिक शिक्षाधिकारी गोरखनाथ पटेल का कहना है किे अनुदेशकों के माध्यम से बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। जहां अनुदेशक नहीं है वहां शिक्षक बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दे रहे है। कहा कि जिन स्कूलों के कंप्यूटर के खराब होने की सूचना मिलती है उसे अविलंब ठीक कराया जाता है, ताकि बच्चों का पठन-पाठन बाधित न हो।