सोनभद्र (अनपरा)। 50 से कम श्रमिकों को नियोजित करने वाले ठेकेदारों को श्रम विभाग में पंजीकरण से छूट देने का विरोध शुरू हो गया है। ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले शुक्रवार को श्रमिकों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर सरकार के इस नियम का विरोध किया।
वक्ताओं ने कहा कि ठेकेदारों पर श्रम कानून के उल्लंघन करने पर जो थोड़ा बहुत श्रम विभाग का नियंत्रण था, वह भी इस संशोधन के बाद खत्म हो जाएगा। बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मानसून सत्र में समान काम के लिए समान वेतन के कानूनी अधिकार को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव लाया गया है और नई वेतन संहिता के जरिए वेतन समझौता बोर्ड में श्रमिकों का पक्ष रखने वाले श्रमिक प्रतिनिधियों की भूमिका को ही समाप्त कर दिया गया है।
भाजपा सरकार द्वारा श्रमिक विरोधी संशोधनों के खिलाफ शुक्रवार को अनपरा और रेनूसागर में ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले काला दिवस मनाया गया। ठेका मजदूरों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर काम किया। अनपरा में परियोजना गेट पर आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें कारपोरेट घरानों की चाकरी में लगी है और श्रमिकों के अधिकारों पर हमला कर रही है। रेनूसागर में यूनियन उपाध्यक्ष राम नरेश यादव ने कहा कि अच्छे दिनों का वायदा करके सत्ता में आई भाजपा में सबसे खराब दिन देखने को मिल रहे हैं । यूनियन के प्रचार मंत्री तेलधारी गुप्ता ने कहा कि श्रमिकों के खिलाफ सभी श्रम संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन तेज किया जाएगा। कुलदीप पाल, मुश्ताक अहमद, केदार सिंह, अंबेलाल, नागेंद्र चैहान, मोहन प्रसाद, मुन्ना मलिक, मुन्ना चंद्रवंशी, शिव यादव, गणेश सिंह, कैलाश, हीरालाल आदि उपस्थित हुए।