सुकृत में अवैध विस्फोटक बरामद होने के बाद से पुलिस ने 77 खदानों में ब्लास्टिंग और विस्फोटक की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। विस्फोट बंद होने से खदानों में कामकाज ठप है। गिट्टी का उत्पादन 90 प्रतिशत घट गया है। प्रतिदिन एक हजार ट्रकों की जगह महज सौ ट्रक गिट्टी की आपूर्ति हो रही है। इससे बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।
बिल्ली मारकुंडी और डाला बारी की फिलहाल 77 पत्थर की खदानों में काम चल रहा है। प्रतिदिन करीब 23 हजार जिलेटिन और इलेक्ट्रिक डेटोनेटर विस्फोट में इस्तेमाल किए जाते हैं। तीन दिन पहले चंदौली के चकिया की पुलिस ने विस्फोटों का जखीरा बरामद किया था।
बरामदगी के तार सुकृत और ओबरा से जुड़े होने के खुलासे के बाद जिले की पुलिस ने विस्फोटक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। ब्लास्टिंग बंद होने से डाला, सिंदुरिया, बरदिया, बिल्ली-मारकुंडी, रासपहाड़ी, कोठाटोला, सुकृत और खैरटिया खनन क्षेत्र से गिट्टियों का उत्पादन बंद हो गया है।
उन चंद खदानों से ही थोड़ी बहुत गिट्टियां निकल रही हैं, जहां पहले ही विस्फोट कर पत्थर डंप कर रखे गए थे। कारोबार में बंद के हालात के चलते करीब दो हजार खनन मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसके अलावा गिट्टियों की कीमतें भी बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
आरपी सिंह, खान अधिकारी ने बताया कि विस्फोटक सप्लायर, पट्टेधारक, पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। सप्लायर और लीजधारक जेलेटिन आदि का पूरा ब्योरा पुलिस को भी देंगे। उम्मीद है कि कल से खदानों में काम शुरू हो जाए।