सोनभद्र । जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हैं लेकिन शिक्षा मंदिरों के इज्जत घर की फिक्र नहीं हैं। तमाम परिषदीय स्कूलों के शौचालय जर्जर अवस्था में हैं। किसी में दरवाजा नहीं हैं तो किसी की सीट क्षतिग्रस्त हैं। जिसकी वजह से छात्रों को खुले शौच के लिए जाना पड़ रहा हैं।
दुद्धी ब्लॉक के धोरपा, हुमेलदोहर, हरपूरा, पकरी, बोम आदि स्कूलों में शौचालय की दशा ठीक नहीं है। शौचालय के मरम्मत के लिए जिला प्रशासन ने आदेश भी जारी किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रधानों को 14 वे वित्त आयोग के धन से स्कूल के शौचालय के मरम्मत का निर्देश दिया गया था लेकिन तमाम ऐसे स्कूल है जहां शौचालय की मरम्मत ही नहीं कराई गई और शिक्षकों के लिए गले की फांस बन गया। राबर्ट्सगंज ब्लाक के प्राथमिक विद्लायलय गोरारी की दशा देखी जा सकती है। हैरत की बात तो यह है कि गांव के ही कुछ बच्चों ने शौचालय का दरवाजा तो तोड़ा ही, सीट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
केकराही। विकास खंड राबर्ट्सगंज के ग्राम पंचायत खैराही के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय बना था लेकिन वर्तमान में टूट गया है । विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक मुहम्मद अकील ने बताया की 132 बच्चे पढ़ते है। तीन क्षिक्षिका व दो शिक्षक है, लेकिन शौचालय न होने से परेशानी हो रही है। प्रधानपति देवनाथ यादव से कहने पर बनाने का आश्वासन मिल रहा है, जबकि यह गांव ओडीएफ है।
जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में 350 स्कूलों के शौचालयों में काम चल रहा है। जिस स्कूल के शौचालय के खराब होने की खबर मिल रही है, उसे भी बजट के अनुसार शामिल कर लिया जा रहा है।