कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला पंचायत की ओर से वाहनों की वसूली के लिए डाले गए टेंडर को खोला गया। भूपेंद्र प्रताप सिंह को आठ करोड़ 88 लाख रुपये में ठेका मिला। तीन ठेेकेदारों ने निविदाएं डाली थी, जिसमें एक ठेकेदार की धरोहर राशि कम होने की वजह से टेंडर अमान्य हो गया। भूपेंद्र पहले भी जिला पंचायत के ठेकेदार रहे हैं।
कलेक्ट्रेट में दोपहर बाद एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर और प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका की मौजूदगी मेें ठेकेदारों के सामने निविदा का बॉक्स खोल कर कागजातों टेक्रिकल जांच की गई। प्रभारी एएमए वर्तिका ने बताया कि तीन लोगों ने टेंडर डाला था। एके प्रताप सिंह का हैसियत प्रमाण पत्र कम होने की वजह से टेंडर अमान्य हो गया। उन्होंने बताया कि विभागीय दर आठ करोड़ 86 लाख था। भूपेंद्र प्रताप सिंह ने आठ करोड़ 88 लाख और संतोष राय ने सात करोड़ 81 लाख रुपये की निविदा डाली थी। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र प्रताप सिंह ने आठ करोड़ 88 लाख में ठेका दिया गया है। कहा कि ठेकेदार को वसूली स्थल पर कौन से वाहनों से कितना शुल्क लेना है कि रेट सूची लगाने का निर्देश दिया गया है।