यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए शासन ने परीक्षा केंद्रों में सीसी टीवी कैमरे लगवाए। लेकिन कई परीक्षा केंद्रों पर कैमरे चालू नहीं किए गए थे। इसकी जांच पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। अभी तक एक भी केंद्र व्यवस्थापकों ने डीआईओएस कार्यालय या एनआईसी को परीक्षा के दौरान हुए रिकार्डिंग की सीडी जमा नहीं की है। उधर, शिक्षा विभाग का दावा है कि परीक्षा केंद्रों पर सीडी सुरक्षित रखी गई है।
वर्ष 2017-18 में जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। हाईस्कूल और इंटर में 50497 परीक्षार्थी थे। हाईस्कूल में 29526 छात्र-छात्राएं थी, इनमें बालक 15128 और बालिका 14328 थी। इंटर में 20971 परीक्षार्थी थे, जिसमें छात्र 9590 और 11381 छात्राओं को शामिल होना था। लेकिन 3067 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहिन कराने के लिए 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट, छह जोनल मजिस्ट्रेट, चार सचल दस्ते का गठन किया था। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा कक्ष में लगे सीसी कैमरे को चालू रखना था। सूत्रों की मानें तो कई परीक्षा केेंद्रों पर अंग्रेजी, विज्ञान, गणित विषय के परीक्षा में बीच-बीच में कैमरे को बंद कर दिया गया था। वहीं परीक्षा समाप्त होने के करीब एक माह होने वाला है, लेकिन अभी तक किसी केंद्र की सीडी डीआईओएस कार्यालय में जमा नहीं हुई है।
इस संबंध में प्रभारी डीआईओएस/वित्त एवं लेखाधिकारी मदन गोपाल कसेरा ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की सीडी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर मंगाया जा सके। परीक्षा के दौरान सभी कैमरे को चालू रखा गया था।