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आदिवासियों के सम्मान, स्वाभिमान से नहीं होगा समझौता

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सोनभद्र (रामगढ़)। बनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री अतुल जोग ने कहा कि किसी भी हाल में आदिवासियों के सम्मान, स्वाभिमान से समझौता नहीं होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल उनकी बुनियादी जरूरत है, जिसको लेकर मजबूती से प्रयास किया जाएगा। वह बतौर मुख्य अतिथि शुक्रवार को नक्सल प्रभावित रामपुर में आयोजित बनवासी समागम में बोले।
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कहा कि आदिवासी भारतीय संस्कृति और लोक कला के संरक्षक है। उनका जीवन स्तर सुधारना हर सरकार का दायित्व है लेकिन पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आदिवासियों से मुख्य धारा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि समागम के जरिए उन्हें आदिवासी बहुल इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं अन्य जो भी समस्याएं पता चली हैं, उसको वह केंद्र सरकार के सामने रखेंगे और जल्द उसका निदान हो, इसका पूरा प्रयास करेंगे। सेवा समर्पण संस्थान के जिलाध्यक्ष श्रीराम पाठक ने कहा कि बनवासी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे, इसके लिए रामपुर क्षेत्र के साथ ही अन्य जगहों पर एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे। सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि नगवां के सभी पहाड़ी इलाकों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध हो, इसका प्रयास जारी है। संचालन कर रहे सेवा समर्पण संस्थान के आनंद और विभाग संगठन मंत्री श्रवण ने भी आदिवासी हितों की आवाज उठाई। कहा कि उनका संगठन आदिवासियों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। आगे भी यह क्रम बना रहेगा। इससे पूर्व करमा नृत्य और लोकगीत के जरिए आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई। पांच आदिवासी बच्चों को तीर-धनुष भेंट किया। अध्यक्षता रामबचन उरांव ने की। कार्यक्रम संयोजक नगवां प्रमुख प्रशांत सिंह, सह संयोजक लालता सिंह खरवार, डा. राजकुमार सिंह गौड़ ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर धर्मवीर तिवारी, कृष्णमुरारी गुप्ता, हरिश्चंद्र त्रिपाठी, प्रवीण सिंह, अमरेश पटेल, गोविंद यादव, अजीत चौबे, लल्लू धांगर, आलोक चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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