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लोक कलाएं सांस्कृतिक विरासत की अभिन्न अंग हैं

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सोनभद्र (घोरावल)। शिवशक्ति रंगमंच लोक संगीत संस्थान के तत्वावधान में गुप्तकाशी शिवद्वार में शुक्रवार की रात 33वें वर्ष लोक कला सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन हुआ। यूपी के कई जिलो के साथ ही झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के 62 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कलाकारों ने यहां करमा, नटुआ, कोलदह, दादरा और सोरठी के साथ लोग गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
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मुख्य अतिथि दुद्धी की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद ने कहा लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। इनसे अपने स्थानीय समाज को एक खास पहचान मिलती है। लुप्त होती लोक कलाओं के संरक्षण के लिए हम सब को मिलकर प्रयास करना होगा। सिद्धनाथ विश्वकर्मा, कमला मास्टर, हरिहर मास्टर, सूर श्याम, सूर्यनाथ, अर्जुन यादव, कोमल यादव, मुकेश कुशवाहा, नौमी प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद समेत 62 लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। करमा, नटुआ, कोलदहकी, दादरा, सोरठी समेत विभिन्न प्रकार के लोकगीतों, लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर लोक कलाकारों ने सारी रात श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर समां बांधे रखा। विशिष्ट अतिथि सपा नेता देवचरन यादव रहे। अध्यक्षता लोक गायक मुन्नर यादव ने किया। इस दौरान राजेंद्र पांडे, पंचम विश्वकर्मा, हरीलाल प्रजापति, रमाशंकर मौर्य, सुरेश यादव, पंकज मिश्रा, कामेश्वर यादव, सुधा शिवानी, विजय दबंग, जागेश्वर वैश्य, शिवकुमार, बालदेव गौतम, रामधनी यादव, राजेश यादव मौजूद रहे।
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