सोनभद्र। बिजली चोरी रोकने के लिए राबर्ट्सगंज के हाइडिल कॉलोनी में खुले बिजली थाना में 650 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। यह जिले का इकलौता बिजली थाना है। डेढ़ साल में दर्ज हुए 1082 मुकदमों में से महज 262 में ही फाइनल रिपोर्ट लगी है। जबकि 142 मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है। बिजली थाने में स्टाप की कमी है। लंबित मुकदमों की विवेचना करने के लिए मजह दो विवेचक की तैनाती है।
राबर्ट्सगंज नगर के हाइडिल कॉलोनी में बिजली कार्यालय के समीप सितंबर 2019 में बिजली थाना खोला गया है। तब से जिले भर में बिजली चोरी से संबंधित मुकदमे इसी थाना में दर्ज हो रहा है। बिजली चोरी पकड़ने के लिए बिजली विभाग की टीम के साथ बिजली थाने की पुलिस टीम जाती है। विजिलेंस टीम कहीं छापे की कार्रवाई करती है तब भी रिपोर्ट बिजली थाने में ही दर्ज होता है। बिजली थाना प्रभारी दयाशंकर पटेल ने बताया कि बिजली थाना खुलने से लेकर अब तक कुल 1082 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया 2019 में 108 मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें 68 मामलों में चार्जशीट लगा, जबकि 40 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगी है। 2020 में बिजली संबंधित 793 मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें 218 मुकदमों मे फाइनल रिपोर्ट लगी है और 74 मामलों में चार्जशीट दाखिल हुआ है। इस साल एक जनवरी से अब तक कुल 181 मुकदमा दर्ज हुआ है। चार मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगी है। शेष लंबित हैं। उन्होंने बताया कि बिजली कार्यालय में जुर्माना की राशि जमा करने के बाद रसीद लेकर आने वाले अब तक 262 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाई जा चुकी है। अभी करीब 678 मामले लंबित हैं। उन्होंने बताया कि करोना कॉल का असर बिजली थाने के कामकाज पर नहीं पड़ने दिया गया है। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रयास किया जा रहा है।
थाने में 11 पद खाली
राबर्ट्सगंज में संचालित जिले की इकलौती बिजली थाना स्टाप की कमी बनी हुई है। मौजूदा समय में थाना प्रभारी के अलावा एक सब इंस्पेक्टर धनंजय, छह हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की तैनाती है। जबकि यहां नौ हेड कांस्टेबल और नौ कांस्टेबल की तैनाती होनी चाहिए। यहां तीन हेड कांस्टेबल और आठ कांस्टेबल के पद खाली हैं।