फसल ऋण माफी योजना का लाभ किसानों को दिए जाने की कवायद तेज हो गई है। योजना के लाभ के लिए दो हेक्टेयर जमीन से कम वाले 66160 किसानों को चिह्नित किया गया है। इसमें से प्रथम चरण में करीब सात हजार किसान लाभान्वित किए जाने हैं। लेखपालों से उनकी जमीन आधार कार्ड, बैंक लोन की वर्तमान स्थिति की जांच कराई जा रही है। 12 अगस्त तक जांच पूरी कर लेनी है।
15 अगस्त तक पहले चरण में किसान मेला लगाकर किसानों को ऋण माफी स्वीकृति पत्र देने की तैयारी की जा रही है।
यूपी सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफी का चुनावी वादा पूरा करने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत सरकार के निर्देश के बाद से ही प्रशासनिक मशीनरी ने पात्र किसानों के चयन का कार्य पूरा कर लिया है। सरकार दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को ऋण माफी योजना का लाभ देगी। इसके तहत जिले में 66160 किसान चिह्नित किए गए हैं। अब चिह्नित किए गए किसानों की जमीन, आधार कार्ड, बैंक में लिए गए ऋण और अब तक जमा की गई धनराशि का विवरण जुटाया जा रहा है। इसलिए प्रशासन ने लेखपालों को क्षेत्रवार लगाया है। सरकार करीब 302 करोड़ रुपये किसानों का ऋण माफ करेगी।
इसका लाभ दिलाने के लिए लेखपाल किसानों का आधार, भूलेख का डाटा आदि जुटा रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें 10 अगस्त तक सर्वे पूरा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इसके बाद 12 अगस्त तक इस रिपोर्ट का लॉक किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो पहले चरण में करीब सात हजार किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए तहसीलवार आंकड़े इकट्ठा किए गए है। राबर्ट्सगंज में 3649, दुद्धी 1346 और घोरावल तहसील में 2371 किसानों को पहले चरण में लाभ देने के लिए चिह्नित किया है। इन सभी के आधार सही पाए गए हैं। उम्मीद है कि 15 अगस्त तक इन किसानों को ऋण माफी का स्वीकृति पत्र कैंप लगाकर दिया जाएगा।
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बैंकों से मंगाया जा चुका है कर्ज का डाटा
सोनभद्र। लीड बैंक मैनेजर करुणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बैंकों से किसानों के कर्ज ली गई और जमा की गई राशि का डाटा मंगाया जा चुका है। यह डाटा प्रशासन को उपलब्ध हो चुका है। इसी आधार पर किसानों को ऋण माफी का लाभ दिया जाना है। उन्होंने बताया कि ऋण माफी का पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा और उन्हें ऋण माफी का प्रमाण पत्र मिलेगा।