सोनभद्र। विश्व जल दिवस के अवसर पर शनिवार को ऑल नेचर्स क्लाइमेट इनवायरमेंटल सोसाइटी कार्यालय चुर्क पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें जल ही जीवन है और जल बिना कल नहीं विषय पर चर्चा की गई। जिले में भू-गर्भ जल बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनेे की मांग उठी।
सोसाइटी के प्रबंधक शेख कलीम ने कहा कि जिले में जिले की स्थिति भयावह होती जा रही है। जिले के करीब 4566 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में प्रत्येक वर्ष बारिश का लगभग सात लाख लीटर पानी गिरता है और सोनांचल में भू-गर्भ तेजी से गिर रहा है। शासन ने बोरिंग लगाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है। बावजूद इसके धड़ल्ले से बोरिंग हो रही है। आदिवासी इलाकों में पेयजल की जो व्यवस्था की जा रही है वह नाकाफी है। पर्यावरण की सुरक्षा के नाम पर अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। कहा कि वर्ष 2017 में वाराणसी के तत्कालीन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण व पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्र आदि ने जलदान क्लब बनाकर भू-गर्भ जल बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया। यहां भी जलदान क्लब बनाकर भू-गर्भ जल बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य करने की जरूरत है। पवन सिंह, लक्ष्मीनारायण, अनिल गिरि, अर्जुन, मंतोष कुमार, दिनेश गिरि, विनय सिंह, विजय भारती, अंजलि, दीपमाला, रश्मि आदि मौजूद रहीं।