डाला (सोनभद्र)। कोन कार्यक्रम में जा रहे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के काफिले को शनिवार को तेलगुड़वा गांव में रसोइयों ने रोक दिया। रसोइयों ने उनका घेराव किया और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेेकर नारेबाजी की। मंत्री के समझाने के बाद रसोइयां वहां से लौटीं।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिला रसोइयों ने मंत्री को घेर लिया। रास्ता रोके देख मंत्री ओम प्रकाश राजभर रसोइयों के बीच पहुंच गये और सड़क पर ही सबको बैठाकर उन्हें संबोधित किया। उनकी समस्या को सुना और उसके निस्तारण के लिए आंदोलन तक करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए वे सरकार से लोगों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। गरीब पिछडे वर्ग को आरक्षण देने व शिक्षा में सुधार की मांग वे लगातार कर रहे हैं। सरकार से कई बार कहा कि जब मनरेगा के मजदूरों की दैनिक मजदूरी 175 रुपये है तो रसोईयो का मजदूरी कम क्यों है। ऐसे में रसोइयों का इतने कम में जीवनयापन कैसे होगा। सरकार को चाहिए कि अधिकारी हों या नेता उसके बच्चों का पठन-पाठन भी गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में होना चाहिए। तभी लोगों में समानता आयेगी। सरकार से रसोईयो का मानदेय बढाने की बात की जा रही है। इसके लिए सबको धर्य बनाकर अपना काम करते रहना चाहिए। आधे घंटे तक मार्ग पर ही रसोइयों के बीच मंत्री की सभा सभा चलती रही। मंत्री के आश्वासन के बाद जब रसोइयां वहां से हटीं तो मंत्री कोन कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।