सोनभद्र। जिले के नगरीय क्षेत्र में निवास करने वाले सभी गरीब तबके के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया जाना है। वर्ष 2017-18 में आवास के लिए करीब 5237 लोगों ने आवेदन किया था। आवेदन पत्रों की सत्यापन करने पर लगभग 2258 अपात्र मिले, जिनका आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया। दो हजार से अधिक ऐसे लोगों ने आवेदन किया था, जिनके पास आवास बनवाने के लिए भूमि ही नहीं है।
नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में नगर पालिका राबर्ट्सगंज, नगर पंचायत चुर्क-गुमा, घोरावल, चोपन, ओबरा, पिपरी, रेणुकूट और दुद्धी के करीब 5237 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। डीएम के निर्देश पर संबंधित अधिशासी अधिकारियों की अगुवाई में आवेदन पत्रों की सत्यापन किया गया तो लगभग 2258 व्यक्ति अपात्र पाए गए। सभी जांच अधिकारियों ने डूडा के पीओ के माध्यम से डीएम को रिपोर्ट भेजा। डीएम के निर्देश पर सभी अपात्रों का आवेदन निरस्त कर दिया गया। डूडा के परियोजना अधिकारी वीके निगम ने बताया जांच के दौरान सिर्फ 2979 पात्र व्यक्ति मिले। रेनुकूट, पिपरी और चुर्क नगर पंचायत दो हजार भूमिहीन लोगों ने आवेदन किया था। चयनित प्रत्येक लाभार्थी को पीएम आवास बनाने के लिए ढाई लाख रुपये तीन किश्तों में दिया जाना है। पहली किश्त में 50 हजार, द्वितीय किश्त में 1.50 लाख और तीसरी किश्त में 50 हजार है। कहा कि 2007 लाभार्थियों पहली किश्त और 1418 लोगों के खाते में दूसरी किश्त भेजी भी जा चुकी है। कहा कि लाभार्थियों को आवास का निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है।