सोनभद्र। सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों को कंप्यूटर और इंटरनेट से जोड़ने की कवायद शुरू की गई थी। वर्ष 2016 में भारत नेट योजना के तहत ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य शुरू हुआ। लेकिन अब तक महज चतरा ब्लॉक के 49 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जा सका है। शेष 588 ग्राम सभाओं में ई-पंचायत की मुहिम को पंख नहीं लग सके। लिहाजा, यह योजना कागजों में ही दम तोड़ती नजर आ रही है।
मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारत नेट योजना से वर्ष 2016 में जिले के 637 ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन को इंटरनेट से जोड़ने की पहल शुरू की गई थी। जिन जगहों पर पंचायत भवन नहीं है वहां पर सहज जन सेवा केंद्र खोलने की व्यवस्था है। सरकार की मंशा है कि ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन होने से लोगों को आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र लेने, खतौनी, कुटुंब रजिस्टर की नकल लेने, रोजगार पंजीकरण एवं नवीनीकरण के आवेदन, नए राशनकार्ड, राशनकार्ड के नवीनीकरण, राशनकार्ड के संशोधन के लिए आवेदन करने आदि के लिए तहसील और ब्लाँक मुख्यालयों का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। लेकिन इतना वक्त गुजरने के बाद भी नाममात्र की ग्राम पंचायतें ही ऑनलाइन हो सकी हैं। इससे सरकार की मंशा पर पानी फिरने लगा है। इस संबंध में बीएसएनएल के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि भारत नेट योजना के तहत चतरा ब्लॉक के 49 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सेवा से जोड़ दिया गया है। कहा कि शेष ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की प्रक्रिया जारी है। जल्द से जल्द सभी ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।