सोनभद्र/रामगढ़/वैनी/चुर्क। जिले में लगातार बारिश से बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहंद बांध का जलस्तर जहां 862 फीट पर जा पहुंचा है। लगातर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं जिले के दूसरे बड़े बांध धंधरौल और नगवां का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने के कारण, सभी फाटक खोल दिए गए हैं। उनसे हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।
रविवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार को पूरे दिन जारी रहा। मौसम विभाग के रिकर्ड के मुताबिक रात साढ़े आठ से सुबह आठ बजे के बीच 62.6 मिमी और सुबह साढ़े आठ से शाम पांच बजे के बीच 59 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। शाम को भी तेज बारिश का क्रम बना हुआ था। लगातार बारिश के चलते सोन, रेणुका, बिजुल, कनहर, घाघर नदी में उफान की स्थिति बनी रही। धंधरौल बांध का अधिकतम जलस्तर 32 फीट पार कर जाने के कारण यहां के सभी 22 फाटक खोल दिए गए। बांध से दस हजार क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।
नगवां बांध का भी जलस्तर 58 फीट पार करने के कारण सभी आठ फाटक खोल दिए गए हैं। यहां भी पांच हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। कर्मनाशा नदी में उफान के कारण नगवां बांध और मांची थाने की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर आवाजाही बंद हो गई हैं। भैसहिया नाले, पुरान पानी छलके और पचान नदी के रपटे पर कई फीट पानी चल रहा है। सिलहट बांध के ऊपर से चार फीट पानी गिर रहा है। लगातार बारिश से घाघर नदी के किनारे के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने लगी है।
सहायक अभियंता धंधरौल राजीव प्रसाद ने बताया कि जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए बांध के निचले इलाके और आस-पास के ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है। जिन गांवों में पानी घुसा हुआ है, उसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उधर, चुर्क इलाके में बारिश के चलते मिट्टी के तीन मकान धराशायी हो गए। चुर्क निवासी रामजीत, बबुंदर, रजिंदर यादव ने बताया कि मकान ढहने से उनका पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। मिट्टी सड़क पर आ जाने से रास्ता भी बंद हो गया है। प्रधान रामप्रवेश यादव ने बताया कि मिट्टी हटाई जा रही है।
विकास खंड नगवां के कई गांवों में पानी घुसने से पलायन की स्थिति बनने लगी है। कोहरवल, रईया, डोरिया,खलियारी दूबेपुर, वैनी सहित दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए लोग सुरक्षित ठिकानों की तरफ निकलने लगे हैं।