वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध सेवा समर्पण संस्थान की ओर से ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। इस क्रम में विश्व आयुर्वेद परिषद, नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के 125 डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार को भी वनवासी क्षेत्रों में टोली बनाकर लोगों का इलाज किया। विभिन्न गांवों में 10-10 डॉक्टरों की टीम गई।
सह प्रांत प्रचारक काशी क्षेत्र मनोज ने बताया कि यहां से टीम छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश व अपने जिले के बनवासी बाहुल्य गांव में 10 डॉक्टरों की टोली मरीजों का उपचार कर रही है। मंगलवार को डॉ.केके द्विवेदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने झिलो, बजिया, इकदीरी, आरंगपानी, घघरी, पिंडारी, भीसूर, बरवाटोला सहित कई गांवों में कैंप लगाकर हजारों ग्रामीणों का उपचार किया। इसके अलावा बनवासियों को जड़ी बूटी की जानकारी व पहचान के लिए बाकायदा दो प्रोफेसर गांव में जाकर जड़ी बूटी से संबंधित जानकारी वनवासियों को उपलब्ध करा रहे हैं। संस्थान में मौजूद डॉक्टर कमलेश द्विवेदी ने बताया कि यहां के वनवासी क्षेत्रों में कुटच का पेड़ बड़ी संख्या में है, जो पेट संबंधी किसी भी समस्या के लिए रामबाण इलाज है। इस क्षेत्र में आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों का भंडार है। लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सह संगठन मंत्री आनंद, विभाग प्रचारक श्रवण, जिला प्रचारक ओम प्रकाश, डॉ. मनीष मिश्र, डॉ. धर्मेंद्र वर्मा, डॉ. विजय राय, डॉ. फरहान अहमद, डॉ. राजेश कुमार मौजूद रहे।