सोनभद्र/घोरावल/दुद्धी। प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर बुधवार को तीनों तहसील मुख्यालयों पर राजस्व संग्रह अमीन संघ ने 11 सूत्रीय मांग को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। अंत में अपनी मांगों का ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। मांगें नहीं माने जाने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
सदर तहसील मुख्यालय पर राजस्व संग्रह अमीन संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सामयिक सेवाओं को जोड़कर सेवा एवं अन्य लाभ दिए जाने संबंधी व्यवस्था सेवा नियमावली में की जाए। वसूली के नाम पर संग्रह अमीनों का उत्पीड़न रोका जाए। संवर्ग की पदोन्नतीय व्यवस्था पूर्व की भांति नायब तहसीलदार के पद पर बहाल की जाए। संवर्ग की शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए। एसडीएम स्तर पर मासिक एवं डीएम स्तर पर त्रैमासिक बैठक संघ के साथ अनिवार्य रूप से की जाए। अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अमरनाथ पाठक एवं संचालन तहसील मंत्री विनोद कुमार पांडेय ने किया। इसमें गंगा प्रसाद, राकेश चतुर्वेदी, विनय कुमार गुप्ता आदि शामिल रहे। घोरावल प्रतिनिधि के मुताबिक- राजस्व संग्रह अमीन संघ के तहसील अध्यक्ष लालजी उपाध्याय की अध्यक्षता में बुधवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। अंत में मांगों का ज्ञापन एसडीएम शादाब असलम को सौंपा। संचालन मंत्री मुरली देव पांडेय ने किया। दुद्धी प्रतिनिधि के मुताबिक- अमीन संघ ने मांगों को लेकर बुधवार को कार्य बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष दलसिंगार मिश्र ने बताया कि शासन से 26 सितंबर 2017 को संवर्ग के संबंध में वार्ता हुई थी, लेकिन शासन ने अभी तक कोई ठोस शासनादेश जारी नहीं किया है, जिससे राजस्व संग्रह अमीनों में आक्रोश है। इस मौके पर चंद्रमणि, मनेही राम, रघुवीर, शिवशंकर, रविन्द्र, रामा चौहान, कन्नीलाल, सियाराम, सुरेन्द्र आदि मौजूद रहे।