सोनभद्र। योगी सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए अधिकांश सेक्रे टरियों ने करीब 450 ग्राम पंचायतों का लेखा-जोखा ऑनलाइन नहीं करवाया है। जबकि पिछले माह चेतावनी देते हुए तत्कालीन डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने सभी बीडीओ एवं सेक्रेटरियों को 15 दिनाें में ब्योरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अभी तक नहीं हो सका।
बताते चले कि सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बावजूद अभी तक अधिकांश अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यप्रणाली में बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। पंचायती राज विभाग से जुड़े अधिकांश कर्मचारी पुराने ढर्रे पर चलते हुए कार्य कर रहे है। पिछली सपा सरकार ने पंचायती राज विभाग को गांवों में सड़क, तालाब, नाली, खड़जा समेत कराए गए अन्य कार्यों का प्रत्येक वर्षं ऑनलाइन फिडिंग करने का निर्देश दिया था। ताकि कोई अधिकारी, कर्मचारी और आम व्यक्ति आसानी से पता कर सकेें कौन-कौन से काम कितने की लागत से कराया गया है। सूबे में सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने संबंधितों को अविलंब वर्ष 2016-17 में राबर्ट्सगंज, चतरा, चोपन, नगवां, दुद्धी, म्योरपुर, बभनी और घोरावल ब्लॉक के अधिकांश गांवों का ब्योरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया। लेकिन अभी तक अधिकांश गांवों का नहीं हो सका। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि योगी सरकार के निर्देश का अधिकारी व कर्मचारी कितना पालन करते हुए कार्य कर रहे है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रामश्रय ने कहा कि अविलंब सभी बीडीओ के साथ मीटिंग कर जिन ग्राम पंचायतों का फिडिंग नहीं हुआ है उनका कराने का निर्देश दिया जाएगा। कहा कि फिर भी फिडिंग करने में लापरवाही बरती गई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वे लोग स्वंय जिम्मेदार होंगे।