सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत जिले के करीब 605 ग्राम पंचायतों में रहने वालों को पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके तहत 16 कलस्टर बनाकर प्रस्तावित ग्राम पंचायतों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इसका प्रस्ताव स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है।
जिले का अधिकांश क्षेत्र जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। अप्रैल के शुरूआत में अधिकांश नदी, नाले और तालाबों का भूगर्भ जलस्तर खिसकने लगता है। मई में जिले के अधिकांश इलाकों में पानी केलिए हाहाकार मचना शुरू हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि राबर्ट्सगंज नगर के ही अधिकांश मोहल्ले में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। बढ़ौली, कम्हारी, पुसौली, उरमौरा, लोढ़ी, घुवास, मुठेर, कमोजी, गोरारी, गोरडीहा, बसुहारी, पोखरिया, चकरिया, जुगैल, घोरिया, नेवारी, भरहरी समेत अन्य गांवों के अधिकांश हैंडपंप जवाब दे देते हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराई जाती है। लेकिन ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पाता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत सभी गांवों में पेयजलापूर्ति कराने का निर्देश दिया है। जिले के 605 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि पूर्व में लगभग 32 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए पेयजलापूर्ति करने की परियोजनाओं का कार्य चल रहा है। जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता की देखरेख में करीब 605 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन के जरिए आपूर्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने बताया कि पेयजलापूर्ति के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
प्रति क्लस्टर एक ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे
सोनभद्र। जिले में 16 क्लस्टर एरिया बनाकर प्रति क्लस्टर एक ओवरहेड टैंक के माध्यम से जलापूर्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नदी और बांध वाले इलाके में ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे, ताकि पानी लेने में कोई समस्या न होने पाए। प्रत्येक क्लस्टर क्षेत्र में ओवरहेड टैंक बनाकर पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि फरवरी के अंत तक शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी और अप्रैल से परियोजना का कार्य शुरू हो जाएगा। इस परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्य 2022 तक पूरा कराने का लक्ष्य है।
पानी लेने को लेकर हो चुका है विवाद
सोनभद्र। भीषण गर्मी शुरू होते ही जिले में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। पिछले साल राबर्ट्सगंज नगर, उरमौरा, लोढ़ी समेत कई गांवों में टैंकरों से पानी लेने के दौरान मारपीट हो गई थी। उरमौरा में जरूरत के अनुसार टैंकरों से पेयजलापूर्ति न होने पर ग्रामीणों ने बसौली-उरमौरा मार्ग पर सांकेतिक चक्काजाम भी किया था।