अनपरा। प्रदेश में बिजली की मांग बेतहाशा बढ़ रही है। बिजली की मांग बढ़ने का कारण प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को बताया जा रहा है। अप्रैल माह में जहां बिजली की मांग 15 से 18 हजार के बीच बनी हुई थी। वहीं मई माह में बिजली की मांग 18 से 21 हजार मेगावाट के बीच पहुंच गई है। मई व जून में बिजली की मांग में और बढ़ोत्तरी होने की सम्भावना है। प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ते ही फाल्ट बढ़ गये हैं और कटौती भी हो रही है। इससे यूपी पावर कारर्पोरेशन के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ने लगी है। बिजली की मांग को देखते हुए ही ग्रिड की क्षमता भी बढ़ाकर 22 हजार मेगावाट की गई है।
मई के महीने में गर्मी से राहत का साधन बनी बिजली की मांग में शुक्रवार को बेतहाशा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश उत्पादन निगम की 2630 मेगावाट की अनपरा तापीय परियोजना की सभी इकाईयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन जारी था। 630 मेगावाट की अनपरा अ तापीय परियोजना की तीनों इकाईयों से 510 मेगावाट, 1000 मेगावाट की अनपरा ब तापीय परियोजना की चौथी व पांचवी इकाई से 856 मेगावाट, 1000 मेगावाट की अनपरा द तापीय परियोजना की छठवीं व सातवीं इकाई से 942.5 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। अनपरा तापीय परियोजना की 2630 मेगावाट के सापेक्ष 2308.5 विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। जबकि 1200 मेगावाट की अनपरा लैंको सी परियोजना की पहली व दूसरी इकाईयों से 1017.5 मेगावाट, हरदुआगंज 93.97 मेगावाट, हरदुआगंज द से 435 मेगावाट, ओबरा ब 490 मेगावाट, परीछा अ 70 मेगावाट, परीछा ब 370 मेगावाट, परीछा सी 227.5 मेगावाट, अलखनन्दा 164 मेगावाट, बारा 700 मेगावाट, मेजा 400 मेगावाट, रोजा प्रथम 546 मेगावाट, रोजा द्वितीय 546 मेगावाट, टांडा 292 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग 19 हजार मेगावाट के पार रही।