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स्टेशन का नाम तो बदला, ट्रेनों की नहीं मिली सौगात

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सोनभद्र। वर्ष 2018 समाप्ति की ओर है मगर सोनांचलवासियों को एक भी ट्रेन की सौगात नहीं मिली। यह अलग बात है कि साल के अंत में राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर अब सोनभद्र कर दिया है। साथ ही ओवरब्रिज का लोकार्पण किया गया। इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए विद्युतीकरण का कार्य भी तेजी से हो रहा है।
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परिवहन विभाग ने जिले को कुंभ मेले के लिए 11 नई बसों की सौगात दी है। दिसंबर माह से लखनऊ और कानपुर के लिए भी बसों का संचालन शुरू हो गया है। इससे यात्रियों को लखनऊ और कानपुर तक का सफर करना आसान हो गया है। बस सेवाएं तो बढ़ी लेकिन संपर्क मार्ग और सेवा ट्रेन स्टापेज नहीं बढ़ी। क्योंकि संबंधितों द्वारा इसके लिए कोई प्रस्तटाव तैयार कर उच्चाधिकारियों को नजहीं भेजा गया था। आने वाले वर्ष में जिले के लोगों को हवाई यात्रा की सौगात मिलने की भी उम्मीद है। केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत उड्डयन विभाग ने म्योरपुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे को शुरू करने की कवायद ते ज कर दी है। विभाग ने रूप देने के लिए कवायद तेज कर दी है। उड्डयन विभाग से नामित कंपनी को मार्च 2019 हवाई पट्टी का कार्य पूर्ण कर विभाग को हैंडओवर करना है। हालांकि अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

जनपदवासियों को 11 बसों की मिली सौगात
सोनभद्र। जिले से प्रतिदिन 184 रोडवेज बसें गुजरती हैं। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने कुंभ मेले के लिए 11 बसों की सौगात दी है। इनमें से एक-एक बस दिसंबर माह से प्रतिदिन शक्तिनगर से लखनऊ और कानपुर तक सफर करती है। सोनभद्र रोडवेज डिपो इंचार्ज राजकुमार सिंह ने कहते हैं कि राबर्र्ट्सगंज रोडवेज बस स्टैंड होते हुए विभिन्न जिलों के लिए प्रतिदिन सोनभद्र डिपो की 65 बसें, मिर्जापुर की 27 बसें, चंदौली डिपो की 16 बसें, काशी डिपो की 25 बसें, जीरो रोड डिपो की 6 बसें, विंध्यनगर डिपो की 55 बसें गुजरती हैं। बताया कि पूर्व में लखनऊ और कानपुर के लिए बसें नहीं चलती थी। कहा कि फिलहाल जिले में नए स्टापेज के लिए कोई आदेश नहीं आया है।
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प्लेट फार्म छोटा होने से हो रही परेशानी
सोनभद्र। जिले में कई रेलवे स्टेशनों का प्लेट फार्म छोटा होने और वहां पर शुद्ध पेयजल, रोशनी, बैठने के लिए यात्री शेड न होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। मुख्य सड़क से स्टेशन तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश की व्यवस्था न होने से रात में यात्रियों को आने-जाने में भी दिक्कतें होती है। रेलवे स्टेशनों पर एटीएम की व्यवस्था नहीं है। चोपन रेलवे जंक्शन पर स्थित टिकट काउंटर से ओवरब्रिज की दूरी करीब दस मीटर है, लेकिन प्लेटफार्म की दूरी 50 मीटर से अधिक है। यहां पर विकलांगों के लिए प्लेटफार्म तक जाने के लिए सीढ़ी नहीं है। सोनभद्र रेलवे स्टेशन, खैराही रेलवे स्टेशन समेत कई स्टेशनों पर प्लेट फार्म छोटा है। यहां चार सौ मीटर प्लेट फार्म है, जबकि जरूरत छह सौ मीटर प्लेटफार्म की है। चोपन जंक्शन रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 22 ट्रेनों का आवागमन होता है। यहां से बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, बंगाल, लखनऊ, दिल्ली, जम्मू आदि स्थानो के लिए लिए ट्रेनें गुजरती है। चोपन से होकर त्रिवेणी एक्सप्रेस, मूरी-जम्मूतवी एक्सप्रेस, हटिया एक्सप्रेस, सिंगरौली-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, शक्तिनगर-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, चोपन-कटनी पैसेंजर, शक्तिपूंज एक्सप्रेस, शक्तिपूंज एक्सप्रेस, पटना पलामू लिंक एक्सप्रेस, सीसीबी पैसेंजर रांची एक्सप्रेस, सीसीएम पैसेंजर, त्रिवेणी लिंक एक्सप्रेस, सिंगरौली-शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस, संतरागाक्षी एक्सप्रेस, सीसीबी पैसेंजर और शक्तिनगर सुपरफास्ट पैसेंजर गतंव्य के लिए गुजरती है। सोनभद्र स्टेशन अधीक्षक आरएन सारस्वत ने कहा कि प्लेटफार्म की विस्तारीकरण के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।

विद्युतीकरण का कार्य चल रहा जोरों पर
सोनभद्र चोपन जंक्शन से 22 ट्रेनों का संचालन होता है। लेकिन प्रतिदिन 18 ट्रेनें गुजरती है। हावड़ा-चोपन सिंगरौली रेलवे मार्ग का विद्युतीकरण का कार्य जोरों पर चल रहा है। वहीं चोपन से चुनार तक भी रेल विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। आने वाले साल में इलेक्ट्रिक ट्रेने दौड़ने लगेंगी।

मार्च तक हवाई पट्टी का कार्य होगा पूर्ण
म्योरपुर। केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत म्योरपुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है। भूमि अधिग्रहण होने के बाद उड्डयन विभाग ने धनराशि भी जारी करते हुए आरके मिश्रा नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम सौंपा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी के लोगों ने हवाई पट्टी का दौरा कर विस्तारीकरण का खाका भी तैयार कर लिया है। कंपनी को गाड़ियों को पार्किंग करने रनवे के अगल-बगल के विस्तारीकरण के साथ ही कुछ भवनों का निर्माण आदि कार्य मार्च तक पूर्ण करा कर उसे हैंडओवर करना है। बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों की टीम काम की निगरानी करेगी। कुछ दिन पूर्व बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारी संतोष मौर्या ने दुद्धी उपजिलाधिकारी रामचंद्र यादव के साथ जमीन अधिग्रहण और हवाई पट्टी के आसपास के भवनों को भी तोडने और उनकी ऊंचाई कम करने के लिए भी योजना बनाई थी। उड्डयन विभाग और प्रशासनिक टीम ने चिह्नित लोगों को अपने भवन की ऊंचाई कम करने के निर्देश दिया था। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2019 में जनपदवासियों को उड़ान की सौगात मिल जाएगी। पूर्व में एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया के निदेशक के अलावा उड्डयन विभाग के सचिव संतोष गंगवार ने भी म्योरपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर चुके हैं।
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