शक्तिनगर। एनसीएल खडिय़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक मुख्यालय सिंगरौली संबद्ध करते हुए परियोजना के तीन अफसरों को निलंबित कर खड़िया खदान क्षेत्र में बुधवार दोपहर दो ड्रैग लाइन मशीनों के टकराने से हुई क्षति की जांच शुरू कर दी गई है।
बता दें कि खदान क्षेत्र में सोमनाथ व विश्वनाथ नाम की दो मशीनें काम कर रही थी। दो अरब से अधिक कीमत की इन विदेशी मशीनों से अधिभार (ओवर बर्डेन) हटाने का काम किया जाता है। परियोजना के कर्मियों की माने तो बुधवार दोपहर आसपास कार्य रही मशीनों को मूवमेंट कराने का का कार्य फोरमैन एके सिंह करा रहे थे। वायरलेस पर मिले संदेश और निर्देश के मुताबिक विश्वनाथ ड्रैग लाइन का आपरेटर बीपी सिंह ने मशीन का बूम घुमाना शुरू कर दिया। इसी दौरान विश्वनाथ मशीन का बूम सोमनाथ ड्रैग लाइन के बाकेट से टकराकर टूट गया। अरबों की मशीनों की टकराने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। एनसीएल के उच्चाधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बुधवार देर शाम खडिय़ा क्षेत्र के जीएम संजय मिश्रा को एनसीएल मुख्यालय संबद्ध करते हुए मुख्यालय में तैनात एमके प्रसाद को खडिय़ा की जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि तबादला आदेश में घटना का जिक्र नहीं किया गया। एनसीएल के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस मामले में खडिय़ा के कोलियरी मैनेजर एसके साहू, प्रोजेक्ट अफसर (पीओ) सईद गौरी, सहायक उत्खनन प्रबंधक डीके सिंह को निलंबित कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। एनसीएल के प्रवक्ता सीरज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्रवाई से संबंधित कंक्रीट जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है।
दो माह में उजागर हुई दूसरी लापरवाही
शक्तिनगर। एनसीएल खडिय़ा क्षेत्र में ड्रैग लाइन मशीनों के संचालन को लेकर दो माह में दूसरी लापरवाही उजागर हुई है। करीब छह माह पूर्व एनसीएल कृष्णशिला क्षेत्र से खडिय़ा लाई गई सोमनाथ मशीन दो माह पूर्व ओवर बर्डेन का मलबा खिसकने से पलटने से बच गई थी। इस घटना के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हुए और दोबारा बड़ी लापरवाही उजागर होने से एनसीएल को करोड़ों की क्षति का अंदाजा लगाया जा रहा है।
दोषियों को बचाने की कोशिश शुरू
शक्तिनगर। खदान क्षेत्र में हुई बड़ी घटना के बाद गुरुवार को डायरेक्टर जनरल माइन सेफ्टी (डीजीएमएस) के अधिकारियों की पहुंचने की चर्चा रही। चर्चा यह है कि इस मामले में परियोजना के सुरक्षा अधिकारी के नजदीकी को बचाने और आपरेटर को बलि का बकरा बनाने की कोशिशें की जा रही है। जानकारों का कहना है कि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।