सूखे से प्रभावित कि कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार की शाम आपदा राहत के बचाव की बैठक हुई। डीएम ने सभी एसडीएम को लेखपालों के माध्यम से सूखे से प्रभावित किसानों को चिन्हित कर उनके नुकसान को खतौनी में दर्ज कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि जिले में कम वर्षा होने की स्थिति में धान, गेहूं समेत अन्य फसल पानी के अभाव में सूख गई थी। किसानों द्वारा शासन व प्रशासन को सूखे से हुई फसल नुकसानी को लेकर जिले को सूखा घोषित करने की मांग पूर्व की गयी थी। शासन ने जिले को सूखा घोषित कर दिया है। कहा कि लेखपाल सूखे से प्रभावित किसानों की छूट खतौनी में फसल नुकसानी को सही-सही दर्ज करें। जिससे कि पात्र किसानों को उनकी फसल नुकसानी का पूरा-पूरा सही लाभ मिल सकें। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी क्षम्य नहीं होगी। शासन द्वारा मिलने वाले अन्य लाभों के लिए सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य की रूप रेखा बनाकर जल्द से जल्द प्रशासन को रिपोर्ट करें। पशुओं से जुड़े चारा व भूसा के समस्या से निपटने के लिए पशु राहत शिविर का आयोजन संबंधी कार्य योजना बनाकर जिला प्रशासन को भी अवगत करायें। ताकि आगामी दिनों में किसानों को सरकार द्वारा संचालित होने वाले सूखे जैसे योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। सीडीओ रामश्रय, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, सदर एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर, दुद्धी एसडीएम अतुल वत्स, घोरावल एसडीएम शादाब असलम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।