सोनभद्र । ई-वे बिल के बारे में सही जानकारी न होने व पासवर्ड समय से जनरेट नहीं होने से रविवार को गैर प्रांत से आने वाला व्यवसायियों का माल ट्रांसपोर्ट में घंटों फंसा रहा। पहले दिन रविवार की छुट्टी होने से भी ई-वे बिल को लेकर व्यापारी खासा हलकान रहे। सरकार ने एक अप्रैल से ई-वे बिल को लागू कर दिया है। रविवार को पहले दिन व्यापारियों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
व्यापारी व जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रतन लाल गर्ग ने बताया कि उन्होंने गुजरात के सूरत में एक थोक विक्रेता के यहां माल बुक कराया था। रविवार को उसे ट्रांसपोर्ट में लगाना था लेकिन ई-वे बिल का पासवर्ड जनरेट होने में देरी होने से ट्रांसपोर्ट में कई घंटे माल फंसा रहा। विक्रेचा द्वारा पासवर्ड जनरेट कर जब इसकी जानकारी ट्रांसपोर्ट को दी गई तब वह बुक हो सका। प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल जैन ने बताया कि ई-वे बिल से सरकार को कोई राजस्व नहीं मिलना है। ऐसी स्थिति में इस बिल को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ई-वे बिल 50 हजार या उससे अधिक की खरीददारी पर लागू होगा। यदि हम चार व्यापारी से 50-50 हजार रुपये के अंदर माल खरीदते है तो यह बिल लागू नहीं होगा। इसके अलावा 50 किमी. के दायरे में खरीदे गए माल पर भी बिल लागू नहीं होगा। हालांकि इसके लागू होने से व्यापारियों को व्यापार करने में काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। राबटर्सगंज के व्यापारी विनोद ने बताया कि ई-वे बिल के प्रति सभी व्यापारी अभी जागरूक नहीं है। जानकारी होने के बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा।