ओबरा। भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को परियोजना गेट पर चौथे दिन भी बेमियादी भूख हड़ताल जारी रखा। अनशनकारी राजपाल गौतम, रामनरेश गोंड़, शंकर चौरसिया, राजेंद्र यादव एवं कन्हैयालाल की मांगों का समर्थन कर रहे कामगारों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज किया।
संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि परियोजना के उच्चाधिकारियों द्वारा आश्वासन से मुकर जाना घोर निंदनीय है। कामगारों के वेतन का भुगतान करने की जगह 41 संविदा श्रमिकों के रोजगार संबंधित गंभीर मामले पर संकट खड़ा करने का काम परियोजना प्रबंधन कर रहा है, जिसका संगठन विरोध करता है। मजदूर नेता रामदरस पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार की मजदूर नीतियों के तहत परियोजना के अधिकारी काम करने की बजाय नियमों को ताक पर रखकर विचलन उत्पन्न कर रहे हैं, जबकि स्पष्ट तौर से श्रम नियमों का पालन प्रत्येक कल-कारखानों के प्रबंधकों द्वारा कराया जाना तय है। भोला प्रसाद कनौजिया एवं प्रचार प्रसार मंत्री छोटू तिवारी ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के चार दिन के बीत जाने के बाद भी परियोजना प्रबंधन की नींद नहीं टूटी। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत एक अनशनकारी घनश्याम दास को आवश्यक चिकित्सा के लिए परियोजना चिकित्सालय भेज दिया गया है। मांगों पर उचित कार्रवाई न होने से अनशनकारियों के समर्थन में सैकड़ों कामगार 24 फरवरी की शाम छह बजे से परियोजना गेट से सुभाष तिराहे तक मशाल जुलूस निकालेंगे। पुन: मांगों को नजर अंदाज किया गया तो 26 फरवरी को परियोजना के मुख्य गेट पर चक्का जाम करेंगे। अनशन के समर्थन में नागेंद्र प्रताप चौहान, सुनील जायसवाल, झारखंडी, छोटेलाल, परवेज अहमद, सत्यशोधन गुप्ता, जय शुक्ला, लक्ष्मण गिरि, सोहनलाल, बिजेंदर पांडेय, जहांगीर अली, शंकर कनौजिया, सुरेंद्र कुमार झा, राम प्रसाद, रामदुलारे, महेंद्र राम, बटेश्वर, रामबली संजय सिंह आदि कामगार मौजूद रहे।