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करमा नृत्य में दिखी लोक संस्कृति की झलक

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सोनभद्र। जनपद की पहचान करमा नृत्य से पूरा सूबा परिचित होगा, जब यहां के कलाकार यूपी दिवस में अपने लयबद्ध कदमताल से नृत्य करेंगे। विंध्य कन्या महाविद्यालय राबर्ट्सगंज में गुरुवार को मंडलीय करमा लोक नृत्य प्रतियोगिता में पहले नंबर पर आए दल को लखनऊ में आयोजित होने कार्यक्रम में नृत्य का मौका मिला है। यह दल 24 से 26 जनवरी तक लखनऊ में उत्तर प्रदेश दिवस पर होने वाले कार्यक्रम में अपनी कला का प्रदर्शन करेगा।
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कन्या महाविद्यालय राबर्ट्सगंज में मंडलीय करमा लोक नृत्य प्रतियोगिता में करमा नृत्य कलाकारों ने आकर्षक नृत्य से आदिवासी संस्कृति, पूजा और विवाह की संस्कृति समेत अन्य लोक विधाओं से जुड़ी संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में छह करमा आदिवासी लोक नर्तकों के दल ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे भोलानाथ मिश्रा ने बारी-बारी से दल नेता गजाधर, रामवृक्ष, सुक्खन, रामसूरत, हंसू और कतवारू की टीम को करमा नृत्य की प्रस्तुति के लिए आवाज दी। प्रत्येक दल ने शानदार करमा नृत्य प्रस्तुत करते हुए आदिवासी संस्कृति और सभ्यता की झलक दिखायी। वृक्ष पूजा से लेकर विवाह और आखेट तक का मंचन करमा नृत्य के जरिए किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष एसडीएम सदर विशाल यादव, सहायक निदेशक दूरदर्शन केंद्र वाराणसी संतोष कुमार मिश्रा, केंद्र निदेशक आकाशवाणी ओबरा ज्ञानेंद्र प्रताप निराला, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव, विंध्य संस्कृति शोध समिति के सचिव दीपक कुमार केसरवानी, अपर जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय ने सभी दलों के प्रस्तुति को देखा। उन्होंने कतवारू के दल को प्रथम, रामसूरत को द्वितीय और रामवृक्ष के दल को तृतीय स्थान दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी रहे। अध्यक्षता महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. बी. सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत अंग्रेजी प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार दूबे और परिचय दीपक केसरवानी ने कराया। करमा नृत्य पर बीए तृतीय वर्ष की छात्रा तृप्ति केसरवानी ने प्रकाश डाला। इस दौरान प्रबंधक डॉ. अजय प्रताप सिंह, प्राचार्य डॉ. अंजली विक्रम सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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