एनसीएल खड़िया के जीएम आफिस पर प्रदर्शन करते मजदूर।स्रोत स्वयं
- फोटो : मंदाकिनी किनारे एतिहासिक अंतरराज्यीय गधा मेला परिसर में गधे व खच्चर से सजी बाजार। संवाद
शक्तिनगर। बोनस के लिए सोमवार को 500 से ज्यादा संविदा श्रमिकों के हड़ताल पर चले गए। इससे एनसीएल खड़िया कोयला खदान के एक हिस्से में ओबी (अधिभार) निस्तारण का काम ठप हो गया है। कोल प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी मंगलवार शाम तक बातचीत के जरिये समाधान निकालने की कोशिश में जुटे रहे।
एनसीएल खड़िया में ओवर बर्डन (ओबी) का निस्तारण एसए यादव कंपनी कर रही है। ओबी निस्तारण कोयला निकासी के निमित्त सतत चलने वाली प्रक्रिया है। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर कंपनी में नियोजित पांच सौ से अधिक कर्मी जिसमें सामान्य मजदूर, डंपर व डोजर आपरेटर सहित तकनीकी कर्मी शामिल हैं। सभी बोनस भुगतान व दीपावली अवकाश की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि नाराज कर्मियों को समझाने पहुंचे कंपनी के नुमाइंदों ने श्रमिकों से बदसलूकी की। इसी कारण बात बनने की जगह और बिगड़ गई और सोमवार दोपहर कंपनी का कामकाज ठप हो गया। जानकारी के बाद कोल प्रबंधन में खलबली मच गई। मंगलवार को कार्य शुरू कराने के लिए श्रमिकों को मनाने की कोशिश की गई और लिखित आश्वासन दिया गया कि 10 नवंबर तक बोनस का भुगतान कर दिया जाएगा और आगे से सभी का वेतन भी समय से मिल जाएगा। इस आश्वासन पर कुछ कर्मचारी सहमत हुए। मगर छठ पर्व पर बोनस भुगतान की मांग को लेकर बाचतीत बेपटरी हो गई। मंगलवार शाम नाराज संविदा श्रमिक एनसीएल खड़िया के मुख्य बैरियर पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिए। इसके चलते कोयला खदान की आवाजाही प्रभावित हो गई। कोल प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे पर खड़िया महाप्रबंधक कार्यालय में एक उच्च बैठक चल रही है। इसमें समस्या का हल निकालने की कोशिश की जा रही है।