राजस्थान में सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। सोनभद्र में भी 50 से अधिक विद्यालय जर्जर भवन में चल रहे हैं। इनमें 1800 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सबसे बड़ी बात है कि पूरी व्यवस्था को संभालने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्वयं जर्जर भवन में चल रहा है। सोनभद्र में प्राथमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय और कंपोजिट विद्यालय मिलकर कुल 2061 परिषदीय विद्यालय चल रहे हैं।
इन विद्यालयों में ढाई लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। शासन की ओर से स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए कायाकल्प अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके जिले में 50 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जो जर्जर भवन में चल रहे हैं। इन विद्यालयों में क्लास संचालित हो रहे हैं। जान जोखिम में डालकर बच्चे इसमें शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
दो कमरों में पढ़ते है चार सौ से अधिक बच्चे।
करमा विकास खंड के ग्राम पंचायत भटोलिया में बना कंपोजिट विद्यालय का भवन जर्जर हो गया। इसको ग्राम पंचायत स्तर से नीलामी कर फिर से बनाने के लिए संस्तुति की गई है। इसके बदले में पास में बने अतिरिक्त दो कक्षों में लगभग विद्यालय के 400 बच्चे बैठते हैं। इसी ग्राम पंचायत में एक प्राथमिक विद्यालय भी है। वहां का भी भवन जर्जर है। वहां लगभग 125 बच्चे हैं। अतिरिक्त कक्ष में बैठकर बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हैं। ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि नीलामी के बाद सभी मकानों को तोड़कर पत्थर को हटा दिया गया है। नए मकान का इंतजार है। प्रयास करने के बावजूद भी अभी तक भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
प्राथमिक विद्यालय केकराही की दीवार, गेट टूटी
ग्राम पंचायत केकराही बाजार स्थित मुख्य मार्ग पर बने प्राइमरी स्कूल का बीते दिनों ट्रक की चपेट में आने से दीवार एवं गेट टूट गए हैं। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों एवं करमा थाने पर भी वहां की प्रभारी प्रधानाध्यापिका की ओर से सूचित कर दिया गया है। बावजूद इसके अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में बीईओ बृजेश कुमार ने बताया कि ट्रक वाले से की क्षतिपूर्ति के लिए बात हो गई है। क्षतिपूर्ति मिलते ही मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा।
अनपरा नगर के तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ द्वितीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय है। विद्यालय भवन का निर्माण परियोजना के कालोनी निर्माण के साथ हुआ था। अनुरक्षण के अभाव में विद्यालय भवन की छतों से पानी टपक रहा है। तेज बारिश होने पर कमरों में पानी बहने लगता है। इस कारण कई जगहों पर बीम में दरार आ गई है और झड़कर टूट रहे हैं।
जिले के जर्जर विद्यालयों को ढहा दिया गया है। उसके स्थान पर नए विद्यालय भवन बनाए गए हैं। कुछ विद्यालयों के जर्जर होने की शिकायत मिली है। इसका जल्द ही सर्वे कराया जाएगा और उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
-राकेश कुमार, डीसी निर्माण ,जिला बेसिक शिक्षा, सोनभद्र