मिर्जापुर जनपद में कंप्रेसर समेत ट्रैक्टर पलटने से हादसे में हुए चाचा भतीजे की मौत के बाद म्योरपुर थाना क्षेत्र के भलुही गांव में भी मातम छा गया है। ग्रामीणों की माने तो उनका परिवार से कोई नाता नहीं था।
वह लोग दो से तीन साल बाद ही कभी कभार गांव में आया करते थे। परिजनों की माने तो मृतक भतीजा रामकिशुन पुत्र हीरामन भलुही का ही रहने वाला था। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इस दौरान उसके चार बेटियां ही थी।
तीन बेटियों को उसकी पत्नी अपने साथ ले गई, जबकि बड़ी बेटी गांव में ही मृतक के रिश्ते में लगने वाले भाई दयाशंकर के पास रहकर रहती है। उसका पालन पोषण दयाशंकर के जरिए ही किया जाता है।
वहीं चाचा रामलखन म्योरपुर थाना क्षेत्र के बलियरी गांव का रहने वाला था। वह भलुही में ही रहता था। घर के लोगों ने बताया कि उसके एक ही बेटा था और उसकी पत्नी भी नहीं रहती थी। ऐसे में यह दोनों लोग कई कई वर्षों तक गांव नहीं आते थे।
उनकी मौत की खबर मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया है। ग्राम प्रधान संतराम गुप्ता ने बताया कि दोनों को परिवार से कोई लेना-देना नहीं था। ऐसे में वह कभी कभार ही गांव आया करते थे। वह बाहर रहकर ही कमाते रहे थे और वही रहते थे। उन्होंने बताया कि परिजनों को घटना के बाद ही इसकी जानकारी हो गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मिर्जापुर गए हुए हैं।