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45 हजार अपात्रों के बन गए राशनकार्ड

Mon, 27 Jun 2016 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
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राशन कार्ड का अपग्रेडेशन - फोटो : file photo
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जिले में नियमों को ताक पर रखकर लगभग 45 हजार अपात्र परिवारों का पात्र गृहस्थी कार्ड के लिए चयन कर दिया गया। इसका खुलासा ग्राम पंचायत स्तर पर सूची का सत्यापन होने पर हुआ है। अपात्र परिवारों में ऐसे भी कुछ परिवार हैं, जिनके यहां सरकारी नौकरी, ट्रैक्टर, जमीन, पक्का मकान आदि है। जिला प्रशासन ने अपात्रों परिवारों का राशनकार्ड निरस्त कर पात्र परिवारों को देने की तैयारी शुरू कर दी है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज, जूते, चप्पल की मरम्मत, फेरी, खोमचा लगाने वाले, कुष्ठ, एड्स रोग से पीड़ित, अनाथ बच्चों समेत अन्य गरीब परिवारों का पात्र गृहस्थी के लिए चयनित करना था।


इसके तहत तीनों तहसील क्षेत्र में करीब दो लाख 60 हजार लोगों का परिवारों का चयन किया गया। हालांकि इनमें हजारों ऐसे भी परिवार चयनित किए गए हैं जो आयकर दाता हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन, पांच केवीए क्षमता का जेनरेटर, साढ़े सात एकड़ से ऊपर भूमि, ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय दो लाख और शहरी क्षेत्र में तीन लाख है और शस्त्र लाइसेंस है। इसकी जानकारी होने पर जिला प्रशासन ने राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, बभनी, म्योरपुर और चोपन ब्लॉक में बीडीओ की देखरेख में ग्राम पंचायत स्तर पर चयनित पात्र गृहस्थियों के परिवारों के सूची का सत्यापन कराया तो सच्चाई खुलकर सामने आ गई। जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब तक आठों ब्लॉक क्षेत्र में    करीब 45 हजार परिवार अपात्र मिले हैं।
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हालांकि अभी भी सत्यापन का कार्य चल रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी सीबी सिंह का कहना है कि 30 जून तक सत्यापन का कार्य पूर्ण होकर रिपोर्ट उनके          पास आएगी। इसके बाद सही पता चलेगा कि कितने परिवार अपात्र मिले हैं। कहा कि सभी अपात्र परिवारों का कार्ड निरस्त कर          पात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड बनवा कर योजना का लाभ          दिया जाएगा।
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