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खतरा: बांस का पुल बनाकर पार कर रहे पांडू नदी

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सोनभद्र। चोपन ब्लॉक के मिटहिनिया ग्राम पंचायत के लाल बिजौरा टोला के ग्रामीण पुल के अभाव में खतरों से खेलते हुए नदी पार कर रहे हैं। ग्रामीण बांस की लकड़ी रखकर बिजौरा से मिटहिनिया आते जाते हैं। स्कूली बच्चे भी इसी बांस के पुल से होकर विद्यालय पढ़ने जाते हैं। ऐसा न करें तो अपने ही गांव में जाने के लिए उन्हें सात से आठ किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। बारिश में यह रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो जाता है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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मिटहिनिया ्राम पंचायत में स्थित पांडू नदी पर पुल का निर्माण न कराये जाने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। नदी के कुछ हिस्से में पत्थर का पाइप तो लगाया गया है लेकिन पुल बनाया ही नहीं गया। इससे विद्यालय जाने वाले बच्चों को खतरे से होकर गुजरना पड़ता है। अक्सर बच्चों के नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। इससे ग्रामीणों में असंतोष है। गांव के लाल बिजौरा और कोहबड़वा टोला के स्कूली बच्चे व ग्रामीण नदी मे बांस के लकड़ी से पुल बनाकर पार होने के लिए विवश हैं। ग्रामीण वर्षों से पांडू नदी लाल बिजौरा में पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। गांव के अरुण, प्रमोद, प्रभात रंजन, श्रीकांत त्रिपाठी, नंदू साव, रतन साव, सूरजदेव, अजय शंकर, अशोक, बिहारी का कहना है कि बारिश के दिनों में इस नदी से आवागमन पूरी तरह से अवरूद्घ हो जाता है। फिर लाल बिजौरा और कोहबड़वा के ग्रामीणों को अपनी ही ग्राम पंचायत में जाने के लिए सात से आठ किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से इस नदी पर पुल बनाने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उधर ग्राम प्रधान अशोक उरांव का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक से पुल निर्माण की मांग एक बार फिर की जाएगी। जरूरत पड़ी तो जिला मुख्यालय पर पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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