केंद्र सरकार इलेक्ट्रिसिटी एमेडमेंट बिल 2014 के ड्राफ्ट में कई संशोधन करने जा रही है। यदि सरकार मानसून सत्र में सदन में एक तरफा प्रयास करती है तो 25 लाख बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेंगे। उक्त बातें ऊर्जांचल दौरे पर आए आल इंडिया पावर फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दूबे ने सोमवार की शाम अनपरा तापीय परियोजना के अतिथि गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि विद्युत वितरण को दो भागों में विभाजित करने की सरकार की योजना है। इसके तहत खंभों तक बिजली पहुंचाने का कार्य एक कंपनी करेगी तथा दूसरी कंपनी खंभों से लेकर उपभोक्ता तक की जिम्मेदारी का निर्वहन करेगी। बिजली के क्षेत्र में वर्तमान समय में 500 यूनिट उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को घाटे पर बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि नुकसान उठाकर कोई बिजली कंपनी पावर सप्लाई नहीं करेगी। इससे यूनिवर्सल पावर सप्लाई अबलिगेशन सरकारी कंपनियों पर होगा और उन्हें नुकसान वाली जगहों पर बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दी जायेगी। जिससे वे धीरे-धीरे नुकसान वाली कंपनी बन जायेगी। दूबे ने कहा कि यदि ऐसे संशोधन किये जाते हैं तो इसका भरपूर विरोध किया जायेगा। देश में क्षमता से अधिक विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इसके बाद भी विद्युत कटौती उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है। इस मौके पर अभियंता संघ के महासचिव राजीव सिंह, अध्यक्ष जीके मिश्रा, अनपरा सीजीएम अखिलेश कुमार सिंह, अनपरा-ओबरा के सहायक सचिव मणींद्र नाथ, जीएम अनपरा डी चंडी प्रसाद मिश्रा आदि उपस्थित थे।