सोनभद्र/म्योरपुर। म्योरपुर थाना क्षेत्र के शिशवा गांव में चार माह पूर्व महिला की मौत ओझाई के चक्कर में हुई थी। खुद ओझा ने भूत-प्रेत उतारने के नाम पर महिला की पटक-पटककर जान ले ली थी। बुधवार को एएसपी नक्सल अवधेश सिंह ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में पत्रकार वार्ता कर इसका खुलासा किया।
एएसपी ने बताया कि शिशवा गांव में गत तीन मार्च को कबूतरी नामक महिला की मौत हो गई। उसके पति पतिराज गौड़ की तहरीर पर पुलिस मामला दर्ज कर ओझा की तलाश कर रही थी। महिला पति का आरोप था कि उसकी पत्नी कबूतरी गौड़ काफी दिनों से बीमार चल रही थी।इस दौरान गांव के लोग कह रहे थे कि इसे भूत लग गया है। लोगों ने उसे किसी झाडफ़ूंक करने वाले को दिखाने की सलाह दी। गांव के ही रामलखन बभनी थाना क्षेत्र के सतबहनी मुर्रा टोला निवासी दयाराम गौड़ जो झाड़-फूंक और ओझाई का काम करता है को लेकर शिशवा आए। यहां दयाराम भूत उतारने की बात कहते हुए उसकी पत्नी का बाल पकड़कर घुमाने लगा। काफी घुमाने के बाद जब उसने बाल छोड़ा तो कबूतरी जमीन पर गिरी और वहीं मर गई। आरोपी दयाराम छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित जंगल-पहाड़ में रहता रहा। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को म्योरपुर पुलिस ने उसे किरविल तिराहे से दबोच लिया।