बीजपुर। रेणुकूट वन प्रभाग के जरहां म्योरपुर और बभनी वन रेंज के जंगलों से कत्था लकड़ी के कटान पर अंकुश लगाने में वन महकमा पूरी तरह फेल हो गया है। कत्था लकड़ी के तस्कर रात दिन वनों से अवैध कटान कर स्केन परमिट की आड़ में वन संपदा का दोहन कर रहे हैं।
लकड़ी माफिया विभिन्न गावों के कास्तकारों की खतौनी को ऑनलाइन निकाल कर उसमें कत्था पेड़ को दर्शाकर तस्करी का काम कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि 14 पेड़ों के कटान की परमिट हासिल करने के बाद उसी पुरानी परमिट की आड़ में कई.कई साल तक कत्था लकड़ी का कटान व उसके निकासी कर रहे हैं। काचन, करहिया, झापर, शिशवा, नवाटोला, पिंडारी, नेमना, राजो सहित अन्य गांवों में खुले आम कत्था के हरे पेड़ों का कटान हो रहा है। वहीं डीएफओ रेणुकूट एसके सिंह ने कहा कि कटान का कोई भी नया परमिट जारी नहीं हुआ है। पुराने कटे हुए कत्था के लाट की कुछ निकासी के आदेश जरूर दिए गए हैं। अगर कटान हो रहा है तो जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।