सोनभद्र। राबर्ट्सगंज समेत अन्य शहरों में लटक रहे बिजली के तारों से जल्द लोगों को निजात मिलेगी। शहरों में बिजली का केबल अंडरग्राउंड किया जाएगा। मुख्यमंत्री विशेष बिजनेस प्लान योजना के तहत शहरों में बिजली का केबल अंडरग्राउंड करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बिजली विभाग अंडरग्राउंड बिजली का केबिल बिछाने में आने वाले खर्च कर इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजेगा।
प्रत्येक वर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये बिजली के जर्जर तारों और खंभों को ठीक करने के लिए खर्च कर रही है। बावजूद इसके राबर्ट्सगंज के ब्रह्मनगर, अंबेडकर नगर, विकास नगर, हाइडिल कॉलोनी, संत नगर समेत अन्य मोहल्ले में बिजली के जर्जर दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। सैकड़ों उपभोक्ता बास-बल्ली के सहारे केबिल से बिजली ले गए है। जमीन से करीब पांच फीट ऊपर झूल रहे केबिल कई जगहों पर टूट चुके है। हल्की आंधी चलने पर कई केबिल टूटकर नीचे गिर जाते हैं। पूर्व में करेंट की चपेट मेें आने से कई मवेशी झुलस गए हैं। यहीं हाल रामगढ़, घोरावल, शाहगंज समेत अन्य कस्बों का है। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों को रहता है। हालांकि बिजली विभाग जर्जर तारों से लोगों को निजात दिलाने के लिए शहों में बिजली का केबल अंडर ग्राउंड करने की पहल शुरू कर दी है। राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष बिजनेस प्लान योजना के तहत शहरों में बिजली का केबल अंडरग्राउंड करने के लिए अवर अभियंताओं को प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अंडरग्राउंड केबल बिछाने में आने वाले खर्च का इस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। शासन से धन मिलते ही अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।