सोनभद्र। जिले में राशन कार्डों की यूनिटों का सत्यापन शुरू हो गया है। जिनके राशन कार्ड में शामिल यूनिट की मृत्यु हो गई है या फिर लड़कियों की शादी हो गई है, ऐसे यूनिटों को काटा जा रहा है। जिले के 68 गांवों के राशन कार्डों के यूनिटों का सत्यापन किया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी ने तीन गांवों के कार्डों का सत्यापन किया। इसमें 61 यूनिटों को निरस्त कर दिया गया।
डीएसओ ने बताया कि सात से ज्यादा यूनिट वाले राशन कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत प्रति पूर्ति निरीक्षक को दस-दस राशन की दुकानों का सत्यापन करना है। एआरओ को पांच दुकानों का और डीएसओ को तीन दुकानों के राशन कार्डों का सत्यापन करना है। उन्होंने तीन गांव बट, तकिया और नधिरा में सत्यापन कर शुरूआत की है। बताया कि किसी-किसी राशन कार्ड के यूनिट में एक व्यक्ति का दो बार नाम दर्ज किया गया है। इन तथ्यों की जांच की जा रही है। बट गांव में दस यूनिट वाले सात राशन कार्ड और सात यूनिट वाले 63 राशन कार्ड की जांच की गई। तकिया में सात यूनिट से ऊपर वाले 51 राशन कार्ड और नधिरा में सात यूनिट वाले 95 राशन कार्ड की जांच की गई। तीनों गांवों में कुल 1553 यूनिट थे, जिनमें से सत्यापन के बाद 61 यूनिट गलत पाये गए। इन यूनिटों को ऑनलाइन निरस्त कर दिया गया। डीएसओ ने बताया कि सात यूनिट से ज्यादा वाले राशन कार्ड 215 गांवों में हैं। इसमें से 68 गांवों की पहले चरण में जांच की जा रही है। यूनिट की जांच आधार कार्ड के आधार पर भी की जा रही है। इसके लिए उन्होंने मॉडल के तौर पर नगवां गांव की जांच की। यहां 309 यूनिट है। इसमें 218 यूनिट का आधार था जो 70.55 फीसदी है। जबकि 91 यूनिट में आधार नहीं था, जो 29.44 फीसदी है। सत्यापन कराने के दौरान 91 में से 54 के आधार कार्ड मिल गए। छह का आधार कार्ड ही नहीं बना था। डीएसओ ने कार्डधारकों से कहा है कि वे खुद ही ऐसे यूनिटों को कटवा दे, जिन लड़कियों की शादियां हो गई हैं या फिर जिनकी मृत्यु हो चुकी है।