सोनभद्र। जन अधिकार पार्टी की ओर से अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद का शहादत दिवस रविवार को सदर ब्लॉक के करकी बाजार में मनाया गया। मौजूद लोगों ने हमीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्घांजलि दी। उनकी वीरता और पराक्रम पर चर्चा की। कहा, आतंकवाद के खात्मे के लिए देश को वीर हमीद जैसे जांबाजों की जरूरत है।
सभा में मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इरफार इरशाद ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जन्म गाजीपुर के धामुपुर गांव में एक जुलाई 1933 को साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता लांस नायक उष्मान फारूकी भी ग्रेनेडियर में एक जवान थे। 1954 में फोर गेनिडियर में भर्ती हुए वीर अब्दुल हमीद अपने सेवा काल के दौरान सैन्य सेवा मेडल, समर सेवा मेडल और रक्षा मेडल से सम्मानित किये गए थे। उनके अंदर शुरू से ही देखभक्ति रही। वे जाति-धर्म से ऊपर उठकर सिर्फ देश सेवा के बारे में सोचते थे। ऐसे महान योद्घा पर देशवासियों को गर्व होना चाहिए। जिलाध्यक्ष डॉ. भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्घ के दौरान पाक ने अपने को परास्त होता देख अमेरिकी पैटर्न टैंक से भारत का मुकाबला शुरू कर दिया। लेकिन वीर हमीद ने अपने हौसले से पाक के सात पैटर्न टैंक को ध्वस्त किया। उसी दौरान पाकिस्तान की ओर से दागा गया गोला हमीद के जीप पर गिर गया जिससे वे बुरी तरह से घायल हुए और फिर शहीद हो गए। डॉ. ओपी मौर्य ने कहा कि वीर हमीद संघर्षों की मिसाल हैं और उनके जीवन संघर्षों से सभी को सीख लेने की जरूरत है। संचालन रविरंजन शाक्य ने किया। इस मौके पर आदित्य मौर्य, मो. शहनवाज, हरपाल सिंह प्रजापति, सलाउद्दीन, मो. शाहिद, रणजीत सिंह, राजेश मौर्य, जमालुद्दीन, इकबाल, डॉ. चंद्रशेखर, रामनारायण प्रजापति समेत तमाम लोग मौजूद रहे।