सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को कर-करेत्तर को लेकर समीक्षा बैठक हुई। अफसरों को हर हाल में वसूली के लक्ष्य को पूरा करने और तहसील स्तर पर 10-10 बड़े बकायेदारों पर वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने को कहा गया। बैठक में गैर हाजिर रहने वाले खान अधिकारी का जवाब-तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिया गया।
एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों के साथ ही कर-करेत्तर से जुड़े अधिकारियों से अब तक की प्रगति के बारे में पूछताछ की। बैठक में खान अधिकारी एसके दास के अनुपस्थित रहने के नाते खान विभाग की प्रगति रिपोर्ट नहीं मिल सकी। इससे नाराज एडीएम ने खनन विभाग की समीक्षा न होने के लिए खान अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए जवाब-तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। वाणिज्य कर विभाग, मण्डी समिति के साथ ही अन्य विभाग अपनी वसूली में सुधार लाने को कहा। एसडीएम और तहसीलदार से अमीनों पर निगाह रखें और नायब तहसीलदारों के साथ ही खुद वसूली व आरसी में दिलचस्पी लेने को कहा। कहा कि जो अमीन बेतहर काम करेंगे उन्हें पुरस्कृत किया जाए तो लापरवाही करेंगे उन पर कार्रवाई होगी। एडीएम ने आम आदमी बीमा योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लंबित प्रकरणों को निस्तारण, परिवहन विभाग, वाणिज्य कर विभाग, आबकारी विभाग, खनिज विभाग व मण्डी कर आदि को तेजी से राजस्व वसूली के निर्देश दिए। स्टांप व्यय पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इस दौरान बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मधुसूदन दूबे, एआरटीओ एसपी सिंह, श्री अरुण राय, तहसीलदार नन्दलाल सिंह, अशोक कुमार शाक्य, चंद्र प्रकाश गिरि आदि मौजूद रहे।