अनपरा। बाल विकास मंत्रालय की ओर से नगर में संचालित 64 आंगनबाड़ी केंद्राें में से 32 के पास अपना भवन तक नहींं है। जो विभागीय भवन बने भी हैं, वो भी कहीं अधूरे तो ज्यादातर में भी बिजली, पानी और केंद्र पर जाने के लिए सड़क तक की सुविधा नहींं है। इस कारण सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा है। करीब 18 केंद्रों पर कार्यकर्ताओं की तैनाती भी नहीं है।
बाल विकास परियोजना विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। इसमें जन्म से लेकर 6 साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाव, विद्यालय से पूर्व की शिक्षा, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा और सलाह देने की सुविधा केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन नगर के 64 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 32 केंद्रों के पास अपना भवन तक नहीं है। विभाग की ओर से किराया कम मिलने के कारण कहीं झोपड़ी तो कहीं गली के मकान में केंद्र संचालित किया जा रहा है। इस कारण गर्भवती महिलाएं केंद्रों तक नहीं पहुंच पातीं हैं। टीकाकरण का काम भी दूसरे जगह बैठकर किया जाता है। विभागीय भवनों में जो केंद्र बने भी हैं, कहीं अधूरे तो कहीं पहुंचने के सड़क तक नहीं है, तो कहीं बिजली और पानी की सुविधा ही नहीं है। इस कारण कई केंद्रों पर ताला लटका रहता है और जहां बिजली और पानी की सुविधा नहीं है, वहां बच्चे गर्मी से परेशान और प्यासे ही रह जाते हैं।
केस 1
अनपरा तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में नगर बनने के पूर्व ग्राम सभा की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जा रहा था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया। मजबूरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्री विद्यालय के कमरे में केंद्र का संचालन करतीं हैं।
केस 2
नगर के वार्ड नंबर 14 में आरपीएल कॉलोनी के समीप एनसीएल की ओर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक केंद्र तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण यहां का ताला नहीं खुल पाया। केंद्र के बाहर झाड़ियां उग आई हैं और कमरों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
केस 3
नगर के वार्ड नंबर 12 के लालटावर में अपना भवन नहीं होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्र किराए पर लिया गया है। कम किराया मिलने के कारण झोपड़ी में ही पोषाहार रखा जाता है। बरसात के दिनों काफी समस्या होती है। जगह के अभाव में सामान रखने और कार्य करने में समस्या होती है।
केस 4
नगर के एनसीएल ककरी परियोजना के आवासीय परिसर स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बनाया गया है, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण पानी की सुविधा नहीं है। गर्मी के दिनों में पंखा नहीं चलने के कारण करने में समस्या होती है।
भूमि नहीं मिलने के कारण केंद्र का निर्माण नहीं हो पा रहा है। केंद्रों पर समस्याओं को लेकर कार्यकर्ता द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। नए कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती प्रक्रिया में है, जल्द ही सभी रिक्त केंद्रों पर तैनाती की जाएगी।- नागेंद्र कुमार, सीडीपीओ म्योरपुर।
अनपरा के प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में अधूरा पड़ा आगनबाड़ी केन्द्र। संवाद
अनपरा के प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में अधूरा पड़ा आगनबाड़ी केन्द्र। संवाद