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खाद्यान्न में 32, स्टेशनरी में हुआ पांच लाख का भुगतान

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सोनभद्र। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति के बिना लाखों रुपये विभिन्न मदों में खर्च किये जाने के मामले में विभागीय स्तर पर जांच तेज हो गई है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इस पर पत्र जारी कर जवाब मांगा है। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो जिले में 32 लाख रुपये खाद्यान्न और पांच लाख रुपये स्टेशनरी में भुगतान हुआ है। इसके अलावा कुछ धन कंटीजेंसी के नाम पर भी व्यय किया गया है।
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विभागीय सूत्रों का यह भी कहना है कि जिस समय का यह खर्च है, उस समय विद्यालय में छात्राएं उपस्थित थीं। सिर्फ तकनीकी कारणों से प्रेरणा पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज न हो पाने के नाते यह मामला उठा है। ऑफलाइन सारे रिकार्ड सही हैं और जो भी धन व्यय हुआ है वह सही है। इस बाबत सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े जिला समन्वयक अवधेश कुमार भारती ने बताया कि 11 फरवरी से 25 मार्च तक खुला था। इसी बीच में खाद्यान्न आदि का भुगतान हुआ था। प्रेरणा पोर्टल पर यह अपलोड नहीं हो पाया था। जबकि ऑफलाइन रिकार्ड निदेशालय को भेजा गया था। बच्चों की उपस्थिति थी। प्रेरणा पोर्टल से सभी अध्यापकों की उपस्थिति जा रही थी। बीच में स्कूल जब बंद था तो छात्राओं की उपस्थिति नहीं जा रही थी। खुला तो उपस्थिति देने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन तकनीकी कारणों से नहीं अपलोड हो रहा था। इस बीच बेसिक शिक्षा निदेशालय से परियोजना की टीम भी जांच करने आई थी। तब टीम के सदस्यों ने छात्राओं के कार्यों की फोटो लेने के साथ छात्राओं की फोटो भी ली थी। बता दें कि जिले में राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर और जुगैल में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित है।
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