दुद्धी (सोनभद्र)। क्षेत्र की सीमा से सटे छत्तीसगढ़ के सनावल थाना क्षेत्र के पचावल में मंगलवार की दोपहर पांगन नदी में बालू के अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों और खनन माफियाओं के गुर्गों के बीच जमकर मारपीट हुई। माफिया के लोगों ने कई ग्रामीणों का घर घेर लिया। तब सरपंच की अगुवाई में ग्रामीण विधायक बृहस्पति सिंह के यहां पहुंचे। उनके हस्तक्षेप पर दूसरे थाने रामानुजगंज में खनन माफिया बताए जा रहे लोगों समेत बारह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उनका आरोप था कि स्थानीय पुलिस माफियाओं से मिली हुई है। रामानुजगंज पुलिस का कहना था कि भयवश ग्रामीणों ने उनके यहां आकर एफआईआर दर्ज कराई है। मामले को कार्रवाई के लिए सनावल थाना भेजा जा रहा है।
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के सीमावर्ती गांव कोरची से करीब छह किमी दूर रामानुजगंज तहसील ग्राम पंचायत पचावल में पांगन नदी में पोकलेन मशीन से बालू का खनन कराया जा रहा था। सुखड़ी पुलिया के पास से पोकलेन से बालू खनन की सूचना पर गांव के देव कुमार, धनेश्वर यादव एवं अन्य लोग कार्य रोकने पहुंचे। आरोप है कि खनन करा रहे अतुल वाजपेयी, विष्णु सिंह देव, विवेक सिंह देव के साथ ग्रामीण रविंद्र सिंह, श्रवण सिंह, गोविंद क्षत्रिय, कृष्णा यादव, मनमोहन सिंह, विनय यादव ने मारपीट की। इसके बाद सरपंच रमाशंकर सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह के यहां पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में देर शाम ग्रामीण रामानुजगंज थाने पहुंचे जहां सभी आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया। विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि क्षेत्र का अमन चैन खराब नहीं होने दिया जाएगा। उधर, सीमावर्ती सनावल के टीआई जेपी लकड़ा ने बताया कि पचावल में मारपीट के मामले में ग्रामीणों के तहरीर पर बालू ठेकेदारों के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ है। यह मामला रामानुजगंज सदर कोतवाली में पंजीकृत हुआ है।