सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश की अदालत ने नशे में धुत होकर कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या करने के दोषी जगजीवन राम को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। राज्य की तरफ से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पांडेय एवं अभियोजन अधिकारी प्रजेश पांडेय ने पैरवी किया।
बभनी थाना क्षेत्र के बरवाटोला निवासी वादी जय प्रकाश ने बभनी थाने में तहरीर देकर अवगत कराया था कि उसने अपनी बेटी मुइली की शादी अपने गांव के रहने वाले जगजीवन के साथ किया है। लड़की के दो पुत्र क्रमश: रोहित और परमेश्वर है। घरेलू विवाद को लेकर दामाद उसकी बेटी को अक्सर मारता पीटता है। गांव में रहने के कारण दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराता रहता है। वादी का आरोप है कि वर्ष 2014 में दामाद ने नशे में धुत होकर कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी के गर्दन और दाहिने कंधे पर वार कर उसको लहूलुहान कर दिया। घटना की जानकारी होने पर वह अपने बेटे रविंद्र के साथ मौके पर पहुंच कर बीच-बचाव करना शुरू किया। इसी बीच दामाद फरार हो गया। ग्रामीणों की मदद से वह अपनी बेटी को इलाज के लिए ले जाने की तैयारी कर रहा था कि उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सीएचसी दुद्धी ले जाकर पोस्टमार्टम कराया। इस मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी जगजीवन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना की तो आरोप सही मिला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।