प्रदेश सरकार की चार परियोजनाओं से बेहतर उत्पादन के बावजूद उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती से निजात नहीं मिल रही है। इन परियोजनाओं से गुरुवार को 4503 मेगावाट रिकार्ड उत्पादन हो रहा है।
प्रदेश की सबसे बड़ी विद्युत परियोजना अनपरा की बिजली उत्पादन की पूरी क्षमता 2630 मेगावाट है। इसके सापेक्ष गुरुवार को इस परियोजना से 2533 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। अनपरा की तरह ही निगम की ओबरा, पारीछा व हरदुआगंज से भी पूरी क्षमता से उत्पादन जारी रहा। ओबरा से 589, पारीछा से 781 व हरदुआगंज से 600 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने के बावजूद उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालयों को भी 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। मुख्यालयों पर भी चार से पांच घंटे विद्युत कटौती की जा रही है। सबसे खराब हालत ग्रामीण क्षेत्रों की है। यहां 18 घंटे की बजाय महज पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। हर दिन कटौती से लोगों में आक्रोश है। जबकि पीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि विद्युत उत्पादन हो रहा है लेकिन प्रदेश में कहीं न कहीं हर दिन आंधी आने से पारेषण व वितरण लाइनों में खराबी के चलते कटौती करनी पड़ रही है। विद्युत वितरण खंड पिपरी के अधिशासी अभियंता लक्ष्मीशंकर के मुताबिक आंधी के चलते तमाम स्थानों पर बिजली के तार व खंभे गिरे हैं। जिसे अभी दुरुस्त किया जा रहा है। जिसके कारण तमाम स्थानों पर लोगों को विद्युत कटौती झेलनी पड़ रही है।