सोनभद्र । ओवरलोडिंग पर पिछले दिनों सख्ती बरतने से नाराज ट्रक चालक एकजुट हो गए। वाहन पास कराने वाले पासर, राबर्ट्सगंज, चोपन, डाला और मारकुंडी के बड़े ट्रांसपोर्टर और ओवरलोडिंग में एंट्री करने वाले गिरोह ने मंगलवार को परिवहन विभाग के अफसर और कर्मचारियों को मारकुंडी में घेर लिया। विरोध के चलते एआरटीओ वहां से बचकर निकले। चेकिंग के चलते पिछले चार दिनों से मारकुंडी में सड़क के किनारे, पेट्रोल पंप और ढाबे पर सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड वाहन खड़े हैं।
मंगलवार शाम को एआरटीओ अवधेश कुमार को ट्रक आपरेटर और ट्रक मालिकों ने घेर लिया। वाहनों को पास कराने वाले बिचौलिए भी पीछे से लाठी डंडे से लैस थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एआरटीओ ने इसकी सूचना चोपन एसओ को दी। चोपन एसओ और गुर्मा चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए। तब तक लाठी डंडे से लैस अवांछनीय तत्व वहां से चले गए। मगर चालक परिवहन विभाग की टीम को घेरे रहे। मामला तूल पकड़े देख परिवहन विभाग की टीम वापस लौट गई। हालांकि तब तक पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। वहीं ट्रक आपरेटरर्स का कहना है जिला प्रशासन लोडिग का मानक तय नहीं करने से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उधर मारकुंडी में चेंकिंग के दौरान 10 ओवर लोड ट्रकों को चालान किया गया।
बताते चलें कि दो दिनों के भीतर बीजपुर इलाके से एआरटीओ अवधेश सिंह और एसपी सिंह ने 67 ओवरलोड वाहनों को चालान किया था। बताते चले कि रविवार के दिन मारकुंडी के अबई वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर 25 ओवरलोड वाहनों का चालान करने के बाद से ट्रक मालिक, नंबर की एंट्री करने वाले और पासरों की राबर्ट्सगंज और मारकुंडी में एक ट्रक मालिक के यहां बैठक हुई थी। इसी के बाद कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई थी। चूंकि वाराणसी में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ओवरलोड को लेकर परिवहन विभाग और प्रशासन को फटकार लगाई थी। उसी के बाद से कार्रवाई तेज हो गई थी। इसी के मद्देनजर तीन दिनों से लगातार चेकिंग हो रही है।