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कांशीराम आवास में 306 लोगों ने किया अवैध कब्जा

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नगर स्थित कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत बने मकानों में 306 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसका खुलासा पूर्व में पीडी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम की जांच में हो चुका है। अब प्रशासन अवैध ढंग से रह रहे लोगों को खदेड़ने की तैयारी में जुट गया है। एसडीएम ने अतिक्रमणकारियों को आवास खाली करने के लिए सप्ताह भर की मोहलत दी है। इसके बाद प्रशासन सभी से आवास खाली करवाएगा और आने वाले खर्च भी संबंधितों से वसूल करेगा।
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बसपा सरकार में वर्ष 2008 में राबर्ट्सगंज में कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत 966 आवासों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2010 में आवासों का कार्यों को पूर्ण होने के उपरांत आवंटित कर दिया गया। वर्ष 2021 में कुछ लोगों ने डीएम रहे एस. राजलिगम को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि राबर्ट्सगंज नगर में तीन स्थानों पर बने कांशीराम आवास में सैकड़ों लोग अवैध ढंग से रह रहे हैं। डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। इसमें सदर एसडीएम, डूडा के पीडी व ईओ राबर्ट्सगंज को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच टीम ने बीएसएनएल के पास बने 696 कांशीराम आवास की जांच की तो पता चला कि इसमें करीब 372 लोग जिन्हें आवास आवंटित किया गया था, वे वहां मौजूद मिले। 145 आवास ऐसे मिले जहां पर वास्तविक मालिक नहीं रहते हैं। 47 आवासों में अवैध कब्जा मिला। वहीं 10 आवास में सरकारी ताला लगा हुआ था। दो आवास मालिकों की मृत्यु हो गई थी। अपात्र 41 मिले तो वहीं 79 पात्र मिले। बीएसएनएल के दक्षिणी क्षेत्र में बने 150 आवासों में रहने वालों की जांच करने पर 113 आवासों में लोग रहते हुए मिले। 22 लोग ऐसे मिले जिन्हें आवास आवंटित नहीं हुआ था लेकिन वहां पर रह रहे थे। सरकारी ताला छह आवासों पर मिला। मंडी के पास बने कांशीराम 120 आवासों में से 71 आवासों में लोग रहते मिले। 28 आवास में किराएदार मिले। तीन आवास में अवैध कब्जाधारी मिले। दो आवास पर सरकारी ताला लटकता मिला, यहां सिर्फ 16 पात्र आवास में रहते मिले। जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने अवैध ढंग से रह रहे लोगों से आवास खाली कराने का निर्देश दिया लेकिन उसी दौरान विस चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के कारण कार्यवाही स्थगित हो गई। हालांकि एक बार भी प्रशासन अवैध ढंग से रहने वालों को खदेड़ने की तैयारी में जुटा है।
टीम के जांच रिपार्ट में कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत बने मकानों में करीब 306 अपात्रों के रहने की पुष्टि हुई है। अवैध ढंग से रह रहे लोगों को खाली करने के लिए कहा जा चुका है। -राजेश उपाध्याय, परियोजना अधिकारी, डूडा।
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कांशीराम आवास योजना के तहत बने मकानों में सैकड़ों लोगों के अवैध ढंग से रहने की सूचना मिली है। संबंधितों को सप्ताह भर का मौका खाली करने के लिए दिया गया है। आवासों को खाली कराकर पात्रों को आवांटित कराया जाएगा। -राजेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी
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