रॉबर्ट्सगंज टैंपो से सफर करते स्कूली के बच्चें। संवाद
सोनभद्र। भारी भरकम शुल्क लेने के बावजूद निजी स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जिले में अनफिट स्कूली वाहनों से बच्चों को स्कूल लाने और घर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन के साथ अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उप संभागीय परिवहन विभाग ने शिक्षण संस्थानों के 29 वाहनों के फिटनेस फेल होने पर संबंधित शिक्षण संस्थान के संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
चार प्रांतों से घिरे सोनभद्र जिले में 150 से अधिक निजी शिक्षण संस्थान संचालित हैं। इनमें 80 शिक्षण संस्थानों के पास खुद के निजी बस और चारपहिया वाहन हैं। अक्सर शिकायत रहती है कि बच्चों को ढोने वाले वाहनों की बेहतर मॉनीटरिंग नहीं की जाती। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो शिक्षण संस्थानों में 451 वाहन (बस एवं चार पहिया वाहन) पंजीकृत हैं। इनमें से 29 वाहनों का फिटनेस फेल हो चुका है। बावजूद इन वाहनों का संचालन शिक्षण संस्थानों की तरफ से किया जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि कई स्कूली वाहनों में कंडक्टर भी नहीं होते हैं। पूर्व में मधुपुर क्षेत्र में इस तरह की घटना हो चुकी है।
हादसों ने उठाए सवाल
शाहगंज थाना क्षेत्र के अरंगी गांव में कुछ दिन पहले स्कूल बस की चपेट में आने से धर्मेंद्र विश्वकर्मा के 3 वर्षीय बेटी शुभी की मौत हो गई थी।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली अन्तर्गत मधुपुर क्षेत्र के डोंगिया रोड पर छह नवंबर 2023 को स्कूल बस की चपेट में आने से गौरही गांव के डेढ़ वर्षीय मासूम अथर्व की मौत हो गई थी।
लोढ़ी स्थित एक निजी विद्यालय की बस का स्टेयरिंग फेल हो जाने की वजह से अनियंत्रित होकर विद्यालय की बाउंड्रीवाल से टकरा गई थी। इस घटना में पांच से बच्चे घायल हो गए थे।
जिन निजी शिक्षण संस्थानों के वाहनों के फिटनेस फेल हैं, उन्हें आरआई के माध्यम से नोटिस जारी किया जा रहा है। तय समय में वाहनों का फिटनेस नहीं कराने पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की जो बसें बिना फिटनेस के सड़क मिलेंगी उनको मौके पर ही सीज किया जाएगा।-कौशल सिंह, एआरटीओ प्रशासन।