सोनभद्र। जिले में सिचाई सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार की पहल पर सोन पंप के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो गया है। करीब 24 किमी नहर की गहराई बढ़ाने के साथ ही सोन पंप के चार स्टेज पर 24 और पंप लगाए जाएंगे। स्टेज नंबर तीन और चार पर नए पंप हाउस का भी निर्माण होगा। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर सोन पंप से पानी निकालने की क्षमता 12 सौ क्यूसिक से बढ़कर दो गुनी हो जाएगी। फिलहाल 24 किमी नहर के गहरीकरण, कंक्रिटिंग का कार्य शुरू हो गया है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा।
जिले को सिंचाई सुविधा की दरकार है। यहां नई परियोजनाओं में सिर्फ कनहर सिंचाई परियोजना ऐसी है, जिसका निर्माण लंबे समय से चल रहा है। उसके निर्माण पूर्ण होने से 112 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लंबे अर्से से जसौली सिंचाई परियोजना की मांग चल रही है, लेकिन अब तक उस पर कोई सार्थक पहल नहीं हो सकी हैै। अलबत्ता सरकार ने सोनलिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्घार को स्वीकृति देने के साथ ही 14 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया है। सोनपंप के एक्सईएन एसके विद्यार्थी ने बताया कि सोनपंप के स्टेज प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ में कुल 24 नए पंप लगेंगे। प्रत्येक स्टेज पर छह, छह नए पंप लगाए जाएंगे। इसी तरह स्टेज नंबर तीन और चार पर नया पंप हाउस भी बनाया जाएगा। इसके लिए शासन से स्वीकृति भी मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि सोनपंप से फिलहाल पानी उठाने की क्षमता 12 सौ क्यूसिक प्रति 24 घंटे है। छह नए पंप लगने से यह क्षमता बढ़कर 24 सौ क्यूसिक हो जाएगी। इस निर्माण कार्य के लिए अधीक्षण अभियंता के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों ने स्थल निरीक्षण भी कर लिया है। उन्होंने बताया कि परियोजना को पूर्ण होने में करीब चार साल लग सकता है। उधर ओबरा डैम के एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि यह परियोजना 121 करोड़ की है। इसमें सिविल कार्य 46 करोड़ का और मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल कार्य 75 करोड़ का है। मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए पांच करोड़ व सिविल कार्य के लिए नौ करोड़ रुपये आवंटित हो चुका है। 24 किमी नहर के पटरी, कंक्रीटिंग, ऊंचाई और गहराई का कार्य शुरू करा दिया गया है।