सोनभद्र। आने वाले दिनों में विकास भवन सूरज की रोशनी से जगमग होगा। एनसीएल की खडिय़ा परियोजना ने सीएसआर मद से विकास भवन को रोशन करेगा। पहले चरण में 25 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने का कार्य पूर्णॉ होने की कगार पर है। दूसरे चरण में भी 25 किलोवाट का पैनल लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोलर पैनल के चालू होने से बिना किसी रुकावट के आपूर्ति बहाल की जाएगी। प्लांटों की स्थापना करने में करीब 66 लाख रुपये खर्च होंगे।
बताते चले कि विकास भवन में करीब दो दर्जन से अधिक कार्यालय संचालित होते हैं। यहां पर प्रतिदिन 50 से 60 किलोवाट बिजली की खपत हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए एनसीएल खडिय़ा ने अपने सीएसआर मद से 50 किलोवाट का सोलर पैनेल लगवाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में विकास भवन के बिल्डिंग के ऊपर 25 किलोवाट का पैनल लग भी गया है जो जल्द ही संचालित हो जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू करने की तैयारी है। वर्तमान में विकास भवन पर बिजली विभाग का करीब एक करोड़ रुपये का बिल बकाया है। इस कारण कई बार बिजली बिजली कर्मी कई विभागों की बिजली आपूर्ति ठप भी कर चुके हैं। इन सबके बीच विभागीय अधिकारियों ने यह वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू किया और जल्द ही विकास भवन खुद के बिजली से रोशन होने लगेगा। सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी ने क बताया कि विकास भवन में लगने वाले हाईब्रीड सोलर पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली से भवन में संचालित सभी कार्यालय रोशन होंगे।