वैनी। नगवां ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई के संसाधन पर्याप्त नहीं है। जो भी परियोजनाएं हैं वह उपेक्षा का शिकार है और उसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इससे क्षेत्रीय किसानों में असंतोष व्याप्त है। बसुहारी सोन लिफ्ट पंप कैनाल, धनकुआरी कर्मनाशा लिफ्ट पंप कैनाल और तीन-चार बंधे हैं, जिसमें मुख्य रूप से देवरी बांध, करही बंधी है लेकिन उनकी मरम्मत न होने से उसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा।
नगवां ब्लॉक में 137 गांव है, जिसमे से 80-.90 गांव मैदानी क्षेत्रों में हैं। इन गांवों को सिंचित करने के लिये देवरी बांध, करही बंधी तथा धनकुआरी पंप कैनाल की स्थापना पूर्व में की गई है। पहाड़ी क्षेत्र में एक बसुहारी पंप कैनाल है। देवरी बांध से दस बारह गांव के सिंचाई होनी थी लेकिन विभागीय उदासीनता से महज दो गांव की ही सिंचाई इससे हो रही है। पहले इससे पवनी, पटवध, सेमरिया, बिजवार, तेलाड़ी, चौखड़ा, बरहुआ, वैनी, दूबेपुर, भैरोपुर, झरना, कोहरवल, देवरी गांव की सिंचाई होती थी।
बांध का वाल खराब होने से उसका पानी बह जाता है। इस नाते सिर्फ दो गांव के किसान ही खेतों की सिंचाई कर पाते हैं। करही बंधी से चार गांव करही, खलियारी, तेनुआ और पड़री गांव में सिंचाई होती थी। लेकिन अब इससे सिर्फ तेनुआ गांव को ही सिंचाई का लाभ मिलता है। ब्लॉक के लिये सबसे बड़ी सिंचाई योजना धनकुआरी पंप कैनाल है। यहां सोनभद्र और चंदौली की संयुक्त परियोजना है। इससे सोनभद्र के 12-15 गांव में सिंचाई होनी थी, लेकिन अब सिर्फ एक गांव को फायदा मिल रहा। जबकि इससे कंहौरा, नगांव, शिकारपुर, मझुई, परसिया, बनबहुआर, निपनिया, झड़पी आदि गांव मे सिंचाई होनी थी। बसुहारी पंप कैनाल से बसुहारी और पोखरिया गांव की सिंचाई होनी थी। इसका उद्घाटन होने के बाद से ही यह बंद है। बसुहारी में वर्तमान में न तो पंप है और न ही पंप हाउस। यह परियोजना अब तक पूर्ण नहीं हो सका।